शेरघाटी अनुमंडल अस्पताल की व्यवस्था सुधारने को लेकर एसडीओ सह आईएएस अधिकारी जतिन कुमार के निर्देश के बावजूद बुधवार को ओपीडी की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा. अस्पताल में डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर सार्वजनिक रूप से नहीं लगाया गया था. वहीं, रोस्टर के अनुसार ड्यूटी पर तैनात कई डॉक्टर भी ओपीडी में मौजूद नहीं मिले.
पड़ताल में ओपीडी में सिर्फ एक डॉक्टर मिलीं मौजूद
जानकारी के अनुसार बुधवार को डॉ शाइस्ता इकबाल, डॉ भास्कर, डॉ विवेकानंद, डॉ नलिनी, डॉ नदीम अख्तर, डॉ अनिसुर रहमान और डॉ सौरभ कुमार की ड्यूटी बतायी गयी थी. बुधवार को करीब 12:20 बजे प्रभात खबर की पड़ताल में ओपीडी में सिर्फ डॉ नलिनी ही मौजूद मिलीं. अन्य डॉक्टर ओपीडी में नजर नहीं आये.
इलाज के लिए मरीजों को करना पड़ा इंतजार
अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे सायरा बानो, अनीता देवी, सुधा कुमारी, महेंद्र महतो, मधुसूदन मांझी और उपेंद्र मांझी समेत कई मरीजों ने बताया कि वे करीब पौना घंटे से अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे. मरीजों का कहना था कि यदि ओपीडी में पर्याप्त डॉक्टर मौजूद रहते तो भीड़ कम होती और इलाज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता.
मरीजों की शिकायत पर एसडीओ ने किया था निरीक्षण
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह मरीजों की शिकायत मिलने के बाद एसडीओ जतिन कुमार ने शेरघाटी अनुमंडल अस्पताल का निरीक्षण किया था. इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों की रोस्टर के अनुसार उपस्थिति सुनिश्चित करने और ओपीडी में डॉक्टरों की नियमित मौजूदगी का निर्देश दिया था.
साफ-सफाई और जलजमाव को लेकर भी दिये थे निर्देश
एसडीओ ने अस्पताल की साफ-सफाई दुरुस्त करने, आरओ के पास जमा कचरा हटाने, गंदे बाथरूम की सफाई कराने और अस्पताल परिसर में जलजमाव की समस्या दूर करने के निर्देश भी दिये थे. निरीक्षण के दौरान अस्पताल की उपाधीक्षक ने व्यवस्था में सुधार के लिए 15 दिनों का समय मांगा था.
एक सप्ताह बीता, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं
व्यवस्था सुधारने के लिए मांगे गये 15 दिनों में करीब एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन डॉक्टरों की उपस्थिति और साफ-सफाई की व्यवस्था में अपेक्षित बदलाव नहीं दिख रहा है. ऐसे में अब यह देखना होगा कि शेष समय में अस्पताल प्रबंधन एसडीओ के निर्देशों को कितना प्रभावी ढंग से लागू कर पाता है.
शेरघाटी अनुमंडल अस्पताल की व्यवस्था पर रहेगी नजर
अनुमंडल अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में ओपीडी में डॉक्टरों की नियमित मौजूदगी और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मरीजों के लिए जरूरी हैं. एसडीओ के निर्देश के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं दिखने से अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं.
