शेरघाटी को जिला बनाने की वर्षों पुरानी मांग एक बार फिर बिहार विधानसभा में गूंज उठी. शेरघाटी के विधायक उदय कुमार सिंह ने सदन में यह मुद्दा उठाते हुए सरकार से शेरघाटी को जल्द से जल्द जिला घोषित करने की मांग की.
उन्होंने कहा कि शेरघाटी सामाजिक, भौगोलिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से जिला बनने की सभी आवश्यक अर्हताएं पूरी करता है, इसलिए सरकार को इस दिशा में शीघ्र निर्णय लेना चाहिए.
तीन दशकों से उठ रही है जिला बनाने की मांग
विधायक ने कहा कि करीब तीन दशकों से शेरघाटी को जिला बनाने की मांग स्थानीय जनता और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों द्वारा लगातार की जाती रही है.
उन्होंने सदन को बताया कि शेरघाटी झारखंड की सीमा से सटा एक महत्वपूर्ण अनुमंडल है. राष्ट्रीय राजमार्ग (जीटी रोड) पर स्थित होने के कारण इसका प्रशासनिक और रणनीतिक महत्व भी काफी अधिक है. इसके बावजूद अब तक इसे जिला का दर्जा नहीं मिल सका है.
सरकार का जवाब: नए जिलों के गठन के लिए बनी है समिति
सरकार की ओर से सदन में जवाब देते हुए बताया गया कि नए जिलों के गठन के लिए एक विशेष समिति का गठन किया जा चुका है और सचिवों की समिति भी इस संबंध में निरंतर कार्य कर रही है.
हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि शेरघाटी को नया जिला बनाने के संबंध में अब तक संबंधित जिलाधिकारी और प्रमंडलीय आयुक्त स्तर से कोई औपचारिक प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है.
9 प्रखंड और 100 किमी से अधिक विस्तृत क्षेत्र
गौरतलब है कि शेरघाटी अनुमंडल के अंतर्गत नौ प्रखंड, करीब दो दर्जन थाना क्षेत्र तथा बाराचट्टी से डुमरिया तक 100 किलोमीटर से अधिक का विस्तृत भू-भाग आता है. यह इलाका लंबे समय से अपेक्षित विकास और प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार की राह देख रहा है.
विधानसभा में एक बार फिर प्रमुखता से यह मुद्दा उठने से क्षेत्रवासियों में जिला गठन की मांग को लेकर एक बार फिर नई उम्मीद जगी है.
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