गया जी के शेरघाटी शहर में लगातार हो रही चोरी की वारदातों से त्रस्त और नाराज स्थानीय लोगों ने बुधवार की शाम करीब साढ़े सात बजे टेलीफोन एक्सचेंज के पास एक संदिग्ध युवक को चोर गिरोह का लाइनर होने के संदेह में पकड़ लिया और पुलिस के सुपुर्द कर दिया.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह युवक इलाके में घूम-घूम कर घरों की ताक-झांक और रेकी कर रहा था.
पकड़े गए संदिग्ध युवक की पहचान झारखंड के बोकारो जिले के पेटवार निवासी रफ़ीक मियां के रूप में हुई है, जो वर्तमान में हमजापुर स्थित मोरहर नदी के किनारे रह रहा था.
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जब इस युवक को पकड़ा गया, उस समय उसके दो अन्य साथी मौके से मौका पाकर फरार होने में कामयाब हो गए.
सड़क जाम और पुलिस की कार्रवाई
इस घटना के बाद आक्रोशित मोहल्लेवासियों ने न्याय और सुरक्षा की मांग को लेकर कुछ देर के लिए शेरघाटी-चेरकी मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया. हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस ने सूझबूझ और समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया, जिसके बाद यातायात सुचारू रूप से बहाल हो सका.
पुलिस हिरासत में आए संदिग्ध युवक का दावा है कि वह हमजापुर में रहकर मजदूरी या काम करता है, फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही है.
लगातार हो रही चोरियों से शहरवासियों में गहरा आक्रोश
गौरतलब है कि शहर में आपराधिक घटनाओं का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है. बीते 19 जुलाई को महुआटांड़ मोहल्ले में चोरी का प्रयास कर रहे एक बदमाश को स्थानीय लोगों और पुलिस के सहयोग से पकड़कर जेल भेजा गया था.
पूछताछ के दौरान उसने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए स्वीकार किया था कि दिन के समय फेरी लगाने के बहाने पूरे इलाके की रेकी की जाती है और फिर रात में एक संगठित गिरोह द्वारा चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम दिया जाता है.
पिछले डेढ़ महीने के भीतर नई बाजार, नूतन नगर, महुआटांड़ और अन्य कई इलाकों में लाखों रुपये की चोरी की बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं:
- 4 जुलाई: दो अलग-अलग घरों से लगभग 25 लाख रुपये की संपत्ति की चोरी.
- नूतन नगर: यहां भी लगभग 25 लाख रुपये की चोरी की घटना हुई.
- 17 जुलाई: किशोर कुमार गुप्ता के घर से 7 लाख रुपये नकद व कीमती सामान चुरा लिए गए.
- घुज्जी गांव: यहां करीब 5 लाख रुपये की संपत्ति पर हाथ साफ किया गया.
लगातार हो रही इन वारदातों के बावजूद पुलिस द्वारा किसी भी बड़े मामले का अब तक पूरी तरह उद्भेदन नहीं किए जाने के कारण स्थानीय शहरवासियों में पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी और गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है. लोग रातभर जागने को विवश हैं.
