गया जी से रोहित की रिपोर्ट
Railway New Rules 2026: रेल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने रेलवे अधिनियम, 1989 के कई प्रावधानों में संशोधन लागू कर दिए हैं. रेल मंत्रालय की अधिसूचना संख्या एस.ओ. 3255(ई) दिनांक 19 जून, 2026 के अनुसार जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत संशोधित नियम प्रभावी हो गए हैं. इन बदलावों का उद्देश्य दंड प्रक्रिया को सरल बनाना, नियमों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित करना तथा रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित और अनुशासित बनाना है.
जुर्माने की जगह क्या लागू हुई नई व्यवस्था?
संशोधित प्रावधानों के तहत कई मामलों में अदालतों द्वारा लगाए जाने वाले जुर्माने (Fine) के स्थान पर सीधे पेनल्टी का प्रावधान किया गया है. रेलवे का मानना है कि इससे नियम उल्लंघन के मामलों का त्वरित निस्तारण होगा और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी.
बिना टिकट यात्रा करने वालों पर क्या होगी कार्रवाई?
गया जी में भी रेलवे ने बिना उचित टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है. नए नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में देय न्यूनतम अतिरिक्त प्रभार (Excess Charge) ₹250 से बढ़ाकर ₹500 कर दिया गया है.
इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य के नाम पर जारी टिकट का उपयोग करते हुए यात्रा करता पाया जाता है, तो संबंधित टिकट जब्त कर लिया जाएगा और उस पर न्यूनतम ₹500 का अतिरिक्त प्रभार लगाया जाएगा.
अवैध फेरी और अनधिकृत प्रवेश पर कितनी पेनल्टी लगेगी?
रेल परिसरों और ट्रेनों में बिना लाइसेंस फेरी लगाने, सामान बेचने या प्रचार-प्रसार करने वालों पर अब ₹2,000 तक की पेनल्टी लगाई जा सकती है. वहीं यात्री क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश करने वाले व्यक्तियों पर ₹500 तक की पेनल्टी का प्रावधान किया गया है. रेलवे का कहना है कि इससे स्टेशनों और ट्रेनों में व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी.
महिलाओं के आरक्षित डिब्बों में प्रवेश करने पर पेनल्टी
महिला यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बों, कक्षों, बर्थ या सीटों पर अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वाले पुरुषों के खिलाफ भी सख्त प्रावधान किए गए हैं. ऐसे मामलों में अब ₹2,500 तक की पेनल्टी वसूली जाएगी. रेलवे ने इसे महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है.
किन अन्य नियमों में भी किया गया संशोधन?
नशे की अवस्था में उपद्रव करने, धूम्रपान करने, रेलवे कर्मचारियों के कार्य में बाधा डालने, डिब्बों में अनधिकृत प्रवेश करने और आपत्तिजनक वस्तुओं के परिवहन से जुड़े प्रावधानों में भी संशोधन किया गया है. विशेष रूप से प्रतिबंधित या आपत्तिजनक वस्तुओं को रेलवे में लाने अथवा परिवहन के लिए सौंपने के मामलों में न्यूनतम ₹10,000 की पेनल्टी निर्धारित की गई है.
यात्रियों से रेलवे ने क्या अपील की?
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और रेल उपयोगकर्ताओं से संशोधित नियमों का पालन करने की अपील की है. रेलवे का कहना है कि यात्रियों के सहयोग से ही सुरक्षित, स्वच्छ, सुव्यवस्थित और अनुशासित रेल यात्रा का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. नए प्रावधानों के लागू होने के बाद रेलवे नियम उल्लंघन के मामलों पर और अधिक सख्ती से कार्रवाई करेगा.
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