Gaya Sawan 2026 : 30 जुलाई से शुरू होने वाले सावन मास को लेकर गया जी शहर के सभी छोटे-बड़े शिव मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं. मंदिर प्रबंधन समितियां और स्थानीय श्रद्धालु मिलकर साफ-सफाई अभियान चला रहे हैं. इसके बाद मंदिरों में रंग-रोगन और भव्य सजावट का कार्य किया जाएगा, ताकि सावन मास में महादेव का दरबार पूरी दिव्यता के साथ श्रद्धालुओं का स्वागत कर सके.
हर सोमवारी को होगा भगवान शिव का विशेष श्रृंगार
सावन मास में प्रतिदिन भगवान भोलेनाथ के भक्त अपने नजदीकी शिवालयों में पूजा-अर्चना और आराधना के लिए पहुंचते हैं. श्रद्धालु फूल-माला, बेलपत्र, रोली, अक्षत, भांग, धतूरा तथा दूध-जल से भगवान शिव का अभिषेक करते हैं. इसे देखते हुए लगभग सभी शिव मंदिरों में प्रत्येक सोमवारी को भगवान शिव के विशेष और आकर्षक श्रृंगार की रूपरेखा तैयार कर ली गई है.
मार्कण्डेय शिव मंदिर में रहेगी विशेष व्यवस्था
गया जी के प्रसिद्ध मार्कण्डेय शिव मंदिर में पूरे सावन मास श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ता है. विशेष रूप से सोमवारी के दिन यहां हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं. मंदिर प्रबंधन समिति ने बताया कि पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए कार्यकर्ताओं को विशेष व्यवस्था में लगाया जा रहा है. मंदिर के पुजारी प्रमोद गिरि ने बताया कि पूरे सावन माह में प्रतिदिन भगवान शिव की विशेष पूजा और आरती होगी. इसके साथ ही श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया जाएगा.
इन प्रमुख शिवालयों में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़
सावन मास के दौरान गया शहर के कई प्राचीन और प्रमुख शिव मंदिरों में मेले जैसा माहौल रहता है. इनमें माड़नपुर स्थित वृद्ध परम पिता महेश्वर शिव मंदिर, बायपास स्थित कोटेश्वर महादेव मंदिर, मार्कण्डेय महादेव मंदिर, ब्राह्मणी घाट स्थित श्री फलकेश्वर महादेव मंदिर, आदि पिता महेश्वर महादेव मंदिर, रामशिला स्थित स्फटिक शिव मंदिर, पातालेश्वर महादेव मंदिर, महादेव घाट स्थित शिव मंदिर और टिकारी रोड स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर प्रमुख हैं.
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