गया. पांच करोड़ से अधिक इनकम वाले ट्रस्ट की ऑडिट रिपोर्ट उपयुक्त फार्म के साथ दाखिल करें और पेनाल्टी से बचें. ट्रस्ट में पांच करोड़ से अधिक के इनकम ऑडिट में टेन बी फार्म का चयन करें. ये बातें आयकर अधिकारी राजीव कुमार (छूट), वार्ड एक पटना ने कही. मौका था आयकर विभाग (छूट) के द्वारा आइएमए हॉल में आयोजित आउटरीच कार्यक्रम का, जिसमें चैंबर ऑफ कॉमर्स, चार्टर्ड अकाउंटेड, बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि, सदस्यों व अन्य व्यवसायी शामिल हुए. आयकर में छूट के लिए ट्रस्ट बनाने से संबंधित चर्चा में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की.
आयकर छूट के लिए बिजनेस के साथ ट्रस्ट के संचालन को लेकर जानकारी दी. ट्रस्ट के लिए संबंधित प्लेटफार्म पर प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन व ऑरिजनल रजिस्ट्रेशन के प्रावधानों के महत्वपूर्ण बिंदु साझा की. उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के द्वारा मेडिकल, योगा, एजुकेशन, जीपीयू (जनरल पब्लिक यूटीलिटी) व अन्य कार्य किया जाता है. यदि इसके कार्य क्षेत्र में बदलाव करते हैं, तो रजिस्ट्रेशन को मॉडिफाइ करना होगा, सरकार को ट्रस्ट के कार्यक्षेत्र के बदलाव की जानकारी देनी होगी. बताया कि ट्रस्ट के माध्यम से आयकर में छूट के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी निर्वहन कर सकते हैं. उपस्थित सदस्यों ने ट्रस्ट को प्रोपर्टी स्थानांतरण प्रक्रिया संबंधी जानकारी सं संबंधित प्रश्न पूछे. मौके पर आयकर निरीक्षक सुरेश प्रसाद, आयकर निरीक्षण रमेशकांतदेव, अजीत कुमार झा, विक्की कुमार, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष वीपेंद्र अग्रवाल, संरक्षक डॉ कौशलेन्द्र प्रताप, आइएमए के अध्यक्ष डॉ लक्ष्मीनारायण, डॉ डीके सहाय व अन्य थे.2000 रुपये से ऊपर की रकम का पेमेंट यूपीआइ से करें
आयकर अफसरों ने आउटरीच कार्यशाला में बताया कि ट्रस्ट में 2000 रुपये तक के कैश खर्च में सेक्शन 40 ए थ्री व टीडीएस 40 आइए लागू होती है. 2000 रुपये से ऊपर की रकम का पेमेंट यूपीआइ से करें, बेहतर रहेगा. अफसरों ने बताया कि आइटीआर रिटर्न फाइल निर्धारित समय के साथ विशेष सावधानी बरतें, नहीं तो विभाग द्वारा प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माने का प्रावधान है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
