रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट गया ने ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत शुक्रवार को गया रेलवे स्टेशन से एक 12 वर्षीय एक बच्चे को सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपुर्द कर दिया. आरपीएफ की सतर्कता से एक संभावित अनहोनी टल गयी.
आरपीएफ इंस्पेक्टर बनारसी यादव ने बताया कि प्लेटफॉर्म संख्या 4/5 पर ड्यूटी के दौरान प्रधान आरक्षी राजकुमार ने एक बालक को अकेले, डरा-सहमा अवस्था में देखा. इसकी सूचना ड्यूटी अधिकारी उपनिरीक्षक अजय तिग्गा को दी गयी. सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम मौके पर पहुंची और बालक को भरोसा दिलाकर पूछताछ की. बच्चे ने बताया कि वह मसौढ़ी के कैलुचक का रहने वाला है और कक्षा चार का छात्र है. उसके पिता ने स्कूल की फीस जमा करने के लिए 1200 रुपये दिये थे, जो रास्ते में कहीं गिर गये. पिता की डांट के डर से वह मसौढ़ी स्टेशन से किसी ट्रेन में बैठ गया और गलती से गया रेलवे स्टेशन पहुंच गया.
इंस्पेक्टर ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बालक को सुरक्षित संरक्षण में लिया और किसी भी अप्रिय घटना या मानव तस्करी की आशंका को देखते हुए रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क गया की केस सुपरवाइजर पुनीता कुमारी को सकुशल सुपुर्द कर दिया. आरपीएफ ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई बच्चा अकेला या संदिग्ध परिस्थिति में मिले तो इसकी सूचना तत्काल रेलवे सुरक्षा बल को दें.
