अब सरपंच बनायेंगे वंशावली, देना होगा 10 रुपये शुल्क

अब वंशावली के लि�� सरपंच को जिम्मेदारी दी गयी है. पंचायती राज विभाग ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया है कि नयी व्यवस्था के तहत वंशावली निर्गत करने के लिए सक्षम प्राधिकार ग्राम कचहरी के सरपंच को दी गयी है.

फोटो-गया- रोहित-251- बैठक करते बीडीओ

गया.

अब वंशावली के लिए सरपंच को जिम्मेदारी दी गयी है. पंचायती राज विभाग ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया है कि नयी व्यवस्था के तहत वंशावली निर्गत करने के लिए सक्षम प्राधिकार ग्राम कचहरी के सरपंच को दी गयी है. नयी व्यवस्था के तहत अब आवेदक को 10 रुपये नकद शुल्क के साथ शपथ पत्र के माध्यम से आवेदन देना होगा. उक्त बातें बीडीओ संतोष कुमार सिंह ने नगर प्रखंड मुख्यालय में बैठक के दौरान शनिवार को कही. बीडीओ ने कहा कि वंशावली बनाने के दौरान अधिक पैसे मांगे जाते हैं, तो इसकी तुरंत शिकायत करें. शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की जायेगी. नयी व्यवस्था के तहत अब आवेदक को 10 रुपये नकद शुल्क के साथ शपथ पत्र के माध्यम से आवेदन देना होगा. शुल्क नहीं देने की स्थिति में आवेदन को स्वीकार नहीं किया जायेगा. शुल्क की प्राप्ति रसीद को आवेदन के साथ संलग्न किया जायेगा. बताया गया कि यह राशि पंचायत निधि में जमा की जायेगी. बीडीओ ने बताया कि दूसरी बार अगर वंशावली को निर्गत कराने की जरूरत पड़ने की स्थिति में 100 रुपये शुल्क जमा कराना होगा. पंचायत सचिव आवेदन के साथ संलग्न कागजात की जांच कर एक प्रति अपने पास रख ग्राम कचहरी के सचिव को सौंपेंगे. सरपंच आवेदन प्रति की छायाप्रति उपयुक्त स्थान पर चस्पा करेंगे.सात दिनों के अंदर आपत्ति नहीं आने की स्थिति में वंशावली को निर्गत किया जायेगा. वहीं सरपंच को हर हाल में 15 दिनों के अंदर आवेदक को वंशावली प्रमाण पत्र सौंपना होगा. नयी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए पंचायत राज विभाग को निगरानी की जिम्मेदारी दी गयी है. विभाग ने साफ किया है कि टाइम लाइन में चूक होने की स्थिति में संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई तय है. बताया गया कि अभी वंशावली ऑफ लाइन बनाया जायेगा. कचहरी सचिव उक्त आवेदनों को पंजी में संधारित कर उसे अविलंब सरपंच के पास स्वीकृति को उपस्थापित करेंगे. सरपंच आवेदन की छायाप्रति कराकर किसी बेहतर स्थान पर चिपकाते हुए लोगों से सात दिनों के अंदर आपत्ति (अगर कोई हो) आमंत्रित करेंगे. अगर कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई, तो संलग्न प्रपत्र में सील व मुहर और हस्ताक्षर के साथ वंशावली निर्गत करेंगे. आपत्ति प्राप्त होने पर सरपंच सार्वजनिक सुनवाई कर समुचित निर्णय लेंगे. वंशावली दो प्रतियों में तैयार कर सरपंच, पंचायत सचिव को वापस करेंगे. फिर सचिव उस पर अपना भी हस्ताक्षर आवेदक को देंगे. बताया गया है कि पंचायत सचिव की अनुशंसा के बाद 15 दिनों के अंदर सरपंच को वंशावली पर अंतिम निर्णय लेने की बाध्यता होगी. आवेदन के साथ स्थानीय निवासी का कोई प्रमाण भी देना होगा.

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