गया में कुदरत का कहर: वज्रपात की चपेट में आने से ससुर के सामने दामाद की मौत, वजीरगंज में मजदूर ने भी गंवाई जान
जिले में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश के साथ हुए वज्रपात (ठनका) ने दो लोगों की जान ले ली. बाराचट्टी और वजीरगंज थाना क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर ठनका गिरने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया है.
गया. जिले में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश के साथ हुए वज्रपात (ठनका) ने दो लोगों की जान ले ली. बाराचट्टी और वजीरगंज थाना क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर ठनका गिरने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया है. दोनों ही घटनाएं उस वक्त हुईं, जब पीड़ित खराब मौसम के बीच अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का प्रयास कर रहे थे. पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज भेज दिया है.
मवेशी बांधने निकले ससुर-दामाद पर गिरी बिजली
पहली घटना बाराचट्टी थाना क्षेत्र के तेतरिया गांव की है. मंगलवार को तेज बारिश और ओलावृष्टि शुरू होने पर लक्ष्मण पासवान और उनके दामाद परदेसी पासवान घर के बाहर बंधे जानवरों को गौशाला में सुरक्षित करने के लिए निकले थे. इसी दौरान तेज आवाज के साथ वहां वज्रपात हुआ. इस हादसे में परदेसी पासवान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लक्ष्मण पासवान गंभीर रूप से झुलस गए. परिजनों ने तत्काल लक्ष्मण पासवान को बाराचट्टी अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए गया रेफर कर दिया गया है. मृतक परदेसी पासवान मूल रूप से चाकंद थाना क्षेत्र के रौना गांव का निवासी था और पिछले कुछ दिनों से अपने ससुराल तेतरिया आया हुआ था.
बधार से लौट रहे मजदूर ने गंवाई जान
दूसरी घटना वजीरगंज थाना क्षेत्र के अमैठी पंचायत अंतर्गत रामपुर गांव में घटी. यहां 55 वर्षीय खेतिहर मजदूर कपिल यादव मंगलवार शाम बधार (खेत) से अपने मवेशियों को चराकर घर लौट रहे थे. रास्ते में अचानक ठनका गिरने से वे उसकी चपेट में आ गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई. अमैठी पंचायत के मुखिया अशोक पासवान ने बताया कि मृतक कपिल यादव बेहद गरीब परिवार से थे और मवेशी पालन ही उनके जीवन-यापन का मुख्य साधन था.
मुआवजे की प्रक्रिया में जुटा प्रशासन
आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधानों के तहत वज्रपात (ठनका) गिरने से हुई मौत पर मृतक के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये के सरकारी मुआवजे का प्रावधान है. स्थानीय प्रशासन और अंचल कार्यालय की टीम घटना की जांच रिपोर्ट तैयार कर रही है, ताकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजा राशि मुहैया कराई जा सके.