Myanmar President: (बोधगया से कलेंद्र प्रताप की रिपोर्ट)
म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग शनिवार सुबह करीब 10:15 बजे विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर पहुंचे. मंदिर पहुंचने पर बौद्ध भिक्षुओं ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया. महाबोधि मंदिर के केयरटेकर डॉ. भिक्षु दीनानंद और डॉ. भिक्षु मनोज ने उन्हें खादा भेंट कर अभिनंदन किया.
गर्भगृह में की पूजा-अर्चना
मुख्य सुरक्षा द्वार से राष्ट्रपति पैदल ही महाबोधि मंदिर परिसर में प्रवेश किए. उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में पहुंचकर पूजा-अर्चना की. इस दौरान राष्ट्रपति ने भगवान बुद्ध को खीर अर्पित की तथा चीवर चढ़ाकर श्रद्धा व्यक्त की.
पवित्र बोधिवृक्ष के समक्ष लगाया ध्यान
पूजा-अर्चना के बाद राष्ट्रपति मंदिर के पीछे स्थित पवित्र बोधिवृक्ष के पास पहुंचे. वहां उन्होंने श्रद्धापूर्वक नमन किया और कुछ समय तक ध्यान भी लगाया. इसके साथ ही उन्होंने मंदिर की परिक्रमा की. मंदिर प्रबंधन की ओर से उन्हें महाबोधि मंदिर के इतिहास, धार्मिक महत्व और परिसर से जुड़ी विभिन्न जानकारियां भी दी गईं.
सुजाता मंदिर का भी करेंगे भ्रमण
महाबोधि मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद राष्ट्रपति वेलकम होटल जाएंगे. इसके बाद उनका काफिला बकरौर गांव स्थित सुजाता मंदिर पहुंचेगा, जहां वे पूजा-अर्चना करेंगे. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर करीब 2:30 बजे वे गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे लौटेंगे, जहां से उनका विशेष विमान दिल्ली के लिए रवाना होगा.
सुरक्षा के घेरे में पूरा बोधगया
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर बोधगया में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं. महाबोधि मंदिर में उनके पूजा-अर्चना कार्यक्रम के दौरान आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी गई. मंदिर परिसर को सुरक्षा के कड़े घेरे में रखा गया है.
ट्रैफिक व्यवस्था में किया गया बदलाव
गया एयरपोर्ट से महाबोधि मंदिर और महाबोधि मंदिर से सुजाता मंदिर तक पूरे मार्ग पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए बोधगया में कई मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है. हालांकि आवश्यक सेवाओं और स्थानीय लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुछ मार्गों पर नियंत्रित आवाजाही की अनुमति दी गई है.
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