Gaya ji News : गया विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेला-2026 की तैयारियों को लेकर नगर निगम में आयोजित समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त डॉ. गगन ने बिना तैयारी पहुंचे इंजीनियरों को कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने दो घंटे के भीतर मेला क्षेत्र का फील्ड सर्वे कर क्षतिग्रस्त स्थलों की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. साथ ही चेतावनी दी कि समय पर रिपोर्ट नहीं देने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
दो घंटे में सर्वे रिपोर्ट देने का निर्देश
नगर आयुक्त ने कहा कि पहले से निर्देश दिए जाने के बावजूद टूटी सड़कें, उखड़ी टाइल्स, क्षतिग्रस्त पेवर ब्लॉक, खुले व टूटे नाला ढक्कन, जर्जर नालियों और अन्य मरम्मत योग्य स्थलों की सूची तैयार कर बैठक में नहीं लाना गंभीर लापरवाही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी उदासीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
बैठक में साफ-सफाई, पथ निर्माण सहित विभिन्न कोषांगों की तैयारियों की समीक्षा की गई. नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि मेला शुरू होने से पहले पूरे मेला क्षेत्र की सफाई, कूड़ा उठाव, नालियों की सफाई और शौचालयों की व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाए. उन्होंने कहा कि मेला अवधि के दौरान 24 घंटे सफाई व्यवस्था सक्रिय रहनी चाहिए और किसी भी पिंडवेदी, घाट, सड़क या मंदिर मार्ग पर गंदगी नहीं दिखनी चाहिए.
ड्रोन से होगी निगरानी
नगर आयुक्त ने सभी कोषांगों को प्रतिदिन निरीक्षण कर प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. उन्होंने बताया कि इस बार मेला क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी की जाएगी. जहां भी गंदगी, अव्यवस्था या अधूरा कार्य मिलेगा, वहां संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय कर तत्काल कार्रवाई की जाएगी.
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
नगर आयुक्त ने कहा कि पितृपक्ष मेला देश-विदेश की आस्था से जुड़ा आयोजन है, इसलिए सड़क, नाला, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं को समय से पहले दुरुस्त करना सभी विभागों की जिम्मेदारी है. उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ युद्धस्तर पर कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि तैयारियों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. नगर निगम का लक्ष्य इस वर्ष पितृपक्ष मेला को स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह सुविधाजनक बनाना है.
