Gaya News : ब्रह्मसत तालाब के डीलक्स शौचालय में हमेशा लटका रहता है ताला

हर दिन यहां सुबह-शाम 100 से अधिक संख्या में टहलने पहुंचते हैं लोग

गया जी. शहर में सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बन गयी है. नगर निगम क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव और संचालन को लेकर लापरवाही लगातार सामने आ रही है. विशेषकर ब्रह्मसत तालाब के पास बने डीलक्स शौचालय की हालत चिंताजनक है, जहां हर दिन सैकड़ों लोग सुबह-शाम टहलने आते हैं, लेकिन आवश्यकता के समय सुविधा नहीं मिलती. सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ती है, क्योंकि शौचालय में अधिकतर समय ताला लटका रहता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह डीलक्स शौचालय वर्षों पहले बनाया गया था, लेकिन इसका उपयोग कभी नियमित रूप से नहीं हुआ. वर्ष में एक-दो बार ही इसका ताला खोला जाता है, हालांकि सफाई हर दिन की जाती है. यह स्थिति दर्शाती है कि नगर निगम द्वारा इस मूलभूत आवश्यकता की उपेक्षा की जा रही है. हर महीने 13 लाख से अधिक खर्च, फिर भी नतीजा शून्य नगर निगम द्वारा शहर के 74 सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव के लिए एक निजी एजेंसी को हर महीने 13.32 लाख रुपये दिये जाते हैं. इसके बावजूद एजेंसी के कार्य पर बार-बार सवाल उठते रहे हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक एजेंसी के काम की कोई समुचित जांच तक नहीं की गयी है. निगम की हर बैठक में शौचालय निर्माण को प्राथमिकता दी जाती है. हाल की बोर्ड और स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में भी शहर में डीलक्स शौचालय बनाने के प्रस्ताव पारित किये गये. पहले भी बायो और इ-टॉयलेट जैसे प्रयोग बड़े शहरों की तर्ज पर शुरू किये गये थे, लेकिन वे कभी उपयोग में नहीं आ सके. आज भी कई इ-टॉयलेट डब्बे की तरह सड़कों पर बेकार खड़े हैं, जिनकी चर्चा तक अब निगम में नहीं होती. ओडीएफ शहर में खुले में शौच की विवशता एक दशक पहले शहर को ‘ओपन डेफेकशन फ्री’ (ओडीएफ) घोषित कर दिया गया था. इसके बावजूद अब भी बाजार क्षेत्रों सहित कई हिस्सों में लोग खुले में शौच करते दिख जाते हैं. कई दुकानों के पीछे और खुले नालों का उपयोग शौच के लिए किया जाता है. खासकर बाजार क्षेत्र में दुकानों में शौचालय की व्यवस्था तक नहीं है, जिससे यह समस्या और भी गंभीर हो गयी है. क्या कहते हैं नगर निगम के स्वच्छता पदाधिकारी स्वच्छता पदाधिकारी मोनू कुमार ने बताया कि शौचालयों से नल की टोटी चोरी होने की शिकायतें मिली हैं. शौचालय में ताला बंद रखने की जानकारी अब तक नहीं मिली थी, इसकी जांच कराई जायेगी. किसी सार्वजनिक शौचालय में ताला नहीं लगा रहना चाहिए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: PANCHDEV KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >