Magadh Medical Pathology Report : मगध मेडिकल अस्पताल में इलाज में गड़बड़ी किए जाने की शिकायत हर वक्त मिलती रहती है. अब यहां के पैथोलॉजी में जांच कराने के बाद रिपोर्ट में गड़बड़ी सामने आयी है. दो दिन पहले एक नवजात को जोंडिस (पीलिया) की शिकायत पर बच्चा वार्ड के एनआईसीयू में भर्ती कराकर जांच के लिए अस्पताल के पैथोलॉजी में सैंपल भेजा गया.
यहां की रिपोर्ट से डॉक्टरों ने कहा कि इसमें सीमा से अधिक जोंडिस (पीलिया) है और इसे किसी अन्य हायर सेंटर में ले जाना होगा.
सरकारी और निजी पैथोलॉजी की रिपोर्ट में 12 प्वाइंट का अंतर
नवजात के परिजन रवि कुमार ने बताया कि वहां के डॉक्टरों ने जब रिपोर्ट व बच्चे की हालत देखा, तो उन्हें शक हुआ. परिजन को यहां के डॉक्टरों ने क्रॉस चेकिंग के लिए बाहर में भी जांच कराने की सलाह दी. दोनों रिपोर्ट में 12 प्वाइंट का अंतर सामने आया है.
परिजन ने बताया कि मगध मेडिकल अस्पताल की जांच रिपोर्ट में 22 परसेंट जोंडिस (पीलिया) होने की बात सामने आयी थी, जबकि बाहर की जांच रिपोर्ट में 10 परसेंट जोंडिस होने की पुष्टि हुई है. फिलहाल बच्चे का इलाज यहां पर ही चल रहा है.
HIV और हेपेटाइटिस जांच में भी पहले हो चुकी है मेजर चूक
अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले एक ऑपरेशन से पहले यहां पर एचआईवी जांच कराया गया. यहां पर जांच रिपोर्ट निगेटिव बताया गया, लेकिन ऑपरेशन करने से पहले ऑपरेशन थिएटर में किट से जांच के दौरान मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी.
इसके बाद उक्त मरीज का ऑपरेशन पूरी तैयारी करने के बाद किया गया. इससे पहले भी यहां के हेपेटाइटिस के मरीज की रिपोर्ट सही नहीं आने के चलते एक ओटी असिस्टेंट को नीडिल लग गया, जिसके बाद उसे हजारों रुपये का इंजेक्शन लेना पड़ा.
डॉक्टरों का कहना है कि पूरा इलाज जांच रिपोर्ट पर ही निर्भर रहता है; रिपोर्ट गलत आयेगी, तो इलाज भी गलत हो जायेगा.
जांच रिपोर्ट के आधार पर शुरू हुआ इलाज, स्थिति में सुधार: शिशु रोग विभागाध्यक्ष
शिशु रोग विभाग के हेड डॉ. रवींद्र कुमार ने बताया कि बच्चे की हालत पूरी तरह से ठीक है. बाहर से जांच कराने के बाद उसका इलाज शुरू कर दिया गया है. एक-दो दिनों में बच्चे को ठीक करके घर भेज दिया जायेगा.
