गया जी के कोंच प्रखंड की अदई पंचायत अंतर्गत मध्य विद्यालय बाली के प्रधानाध्यापक देवदत्त तिवारी का सोमवार की सुबह पटना स्थित आवास पर हृदय गति रुकने से निधन हो गया. अचानक हुई मौत की खबर मिलते ही उनके सहकर्मियों, स्वजनों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई. परिजनों और स्वजनों के सहयोग से उनका अंतिम संस्कार पटना में ही हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार किया गया.
28 वर्षों का सेवाकाल और कोंच में लंबा शैक्षणिक योगदान
बताया गया कि देवदत्त तिवारी पिछले करीब 28 वर्षों से कोंच प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे थे. मकान मालिक बुचुल शर्मा ने बताया कि तिवारी जी वर्ष 1999 से उनके मकान में रह रहे थे.
उन्होंने कई वर्षों तक साधनसेवी के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं. इसके बाद विभिन्न विद्यालयों में उनकी पदस्थापना हुई. कुछ वर्षों के लिए उनका तबादला शेरघाटी के एक विद्यालय में किया गया था, जिसके बाद पुनः कोंच प्रखंड में वापसी हुई और वर्तमान में वे मध्य विद्यालय बाली में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थे.
ड्यूटी पर निकलने के दौरान पड़ा दिल का दौरा
बताया गया कि शुक्रवार को विद्यालय में छुट्टी रहने के बाद वे निजी वाहन से अपने परिवार के पास पटना गए थे. सोमवार को ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए तैयार होकर घर से निकलने ही वाले थे कि अचानक हृदय गति रुकने से वे गिर पड़े। अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई.
सहकर्मियों और ग्रामीणों ने जताया गहरा शोक
उनके असामयिक निधन से विद्यालय के शिक्षक श्रवण शांडिल्या, माघबेन्द्र शर्मा और स्थानीय लोगों में गहरा शोक है. सहकर्मियों ने बताया कि देवदत्त तिवारी मिलनसार, मृदुभाषी और समाजसेवी विचारों के व्यक्ति थे.
शिक्षा जगत और समाज के लिए अपूरणीय क्षति
विद्यालयी कार्यों के प्रति वे हमेशा गंभीर और समर्पित रहते थे. उनके निधन को शिक्षा जगत और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया गया.
