पटना से रांची जा रही गाड़ी संख्या 12365 पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस में मंगलवार को अवैध वेंडरों के घुसने और आईआरसीटीसी के अधिकृत वेंडरों के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है.
जिसमें बेलागंज के पास ट्रेन में अवैध रूप से खाद्य सामग्री बेच रहे वेंडरों ने आईआरसीटीसी के वेंडरों के साथ कथित तौर पर मारपीट की और इस घटना में आईआरसीटीसी के दो वेंडर घायल हो गए.
आरपीएफ की छापेमारी और आरोपियों की फरारी
घटना की सूचना मिलने के बाद रेल प्रशासन और आरपीएफ में हड़कंप मच गया तथा ट्रेन के गया जंक्शन पहुंचते ही आरपीएफ की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रेन में जोरदार छापेमारी की, लेकिन आरपीएफ की कार्रवाई की भनक लगते ही सभी अवैध वेंडर ट्रेन से उतरकर फरार हो गए, जिसके बाद आरपीएफ ने उनके संभावित ठिकानों पर तलाश शुरू कर दी है.
अवैध वेंडरों पर कार्रवाई और यात्रियों की सुरक्षा
आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि ट्रेनों में बिना अनुमति खाद्य सामग्री बेचने वाले अवैध वेंडरों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है.
इसके बावजूद कुछ लोग बिना अधिकृत अनुमति के ट्रेनों में प्रवेश कर सामान बेचते हैं जिससे अधिकृत वेंडरों के व्यवसाय के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर भी बुरा असर पड़ता है.
ट्रेन की जांच और आरोपियों की पहचान का प्रयास
जनशताब्दी एक्सप्रेस में हुई मारपीट की इस घटना के बाद आरपीएफ की टीम ने पूरी ट्रेन की सघन जांच की, लेकिन मौके पर कोई भी अवैध वेंडर हाथ नहीं लगा क्योंकि सभी आरोपित पहले ही फरार हो चुके थे, और अब पुलिस द्वारा आरोपियों की पहचान तथा उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.
लिखित शिकायत का इंतजार और आगे की कानूनी कार्रवाई
इधर, इस मामले में अब तक आईआरसीटीसी के घायल वेंडरों की ओर से आरपीएफ या रेल पुलिस में कोई भी लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है.
आरपीएफ का कहना है कि शिकायत मिलते ही मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.
