अस्पतालों को 31 मार्च तक मिलेगा जेइ-एइएस किट

जिलास्तर पर प्रशिक्षण समाप्त, जेइ-एइएस को लेकर स्वास्थ्य विभाग कर रहा तैयारी

जिलास्तर पर प्रशिक्षण समाप्त, जेइ-एइएस को लेकर स्वास्थ्य विभाग कर रहा तैयारी

फोटो- गया- 03- जेपीएन हॉस्पिटल

वरीय संवाददाता, गया जी गर्मी में बढ़ते तापमान व उमस के कारण चमकी बुखार के प्रकोप की संभावना काफी रहती है. इस बार गर्मी का प्रकोप अधिक होने की संभावना पहले से व्यक्त की जा रही है. इसको लेकर एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एइएस) व जापानी इंसेफेलाइटिस (जेइ) यानी चमकी बुखार की रोकथाम के लिए सभी तरह की आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सदर अस्पताल और अनुमंडलीय अस्पताल में पांच-पांच व सीएचसी में दो-दो बेडों का वातानुकूलित विशेष वार्ड बनाया जा रहा है. अस्पताल में आने वाले बीमार बच्चों पर भी नजर रखी जा रही है. सभी आशा समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को इससे जुड़ी विशेष ट्रेनिंग जिलास्तर पर दी जा चुकी है. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ एमइ हक ने बताया कि किसी बच्चे में बेहोशी, अर्द्ध चेतना और बोलने के दौरान हकलाहट जैसे लक्षण दिखायी दे, तो फौरन उसे नजदीकी अस्पताल में चिकित्सक के पास लाना है. दवाएं, उपस्कर समेत अन्य व्यवस्थाएं भी दुरुस्त कर दी गयी हैं. हालांकि, इस वर्ष अबतक एक भी रोगी के मिलने की बात नहीं बतायी जा रही है. उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक सारे अस्पताल में जेइ-एइएस के दो-दो किट उपलब्ध करा दिये जायेंगे. आशा और आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका को ओआरएस 10-10 व पैरासिटामोल सीरप की दो-दो शीशी उपलब्ध करा दी जा रही है. कम पड़ने पर स्थानीय पीएचसी व सीएचसी से और भी उपलब्ध कराया जायेगा.

पिछले वर्ष एक महिला की हुई थी मौत

डॉ हक ने बताया कि पिछले वर्ष कोंच की रहने वाली 60 वर्षीय एक महिला की मौत जेइ बीमारी के कारण एम्स में इलाज के दौरान हो गयी थी. इस बार अब तक एक भी जेइ-एइएस के मरीज सामने नहीं आये हैं. मगध मेडिकल अस्पताल के शिशु रोग विभाग में दोनों बीमारी से निबटने के लिए विशेष वार्ड बनाया जा रहा है. यहां पर गंभीर मरीजों को भेजा जाता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By JITENDRA MISHRA

JITENDRA MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >