Gaya News: गुरारू रेलवे स्टेशन परिसर में अमर शहीद कामरेड सुखेन्द्र प्रसाद की स्थापित प्रतिमा के ध्वस्त होने पर सोमवार को अखिल हिन्द फॉरवर्ड ब्लॉक क्रांतिकारी और किसान मजदूर मोर्चा ने विरोध प्रदर्शन किया किया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कामरेड संतोष गिरी ने की. इस दौरान लोगों ने गुरारू रेलवे परिसर में शहीद सुखेंद्र प्रसाद की प्रतिमा को पुनः स्थापित किए जाने की मांग की. जनहित के लिए शहीद हुए शहीदों की प्रतिमा को तोड़ना बंद करे.
प्रतिमा को फिर से स्थापित करने की मांग
उन्होंने कहा कि गुरारू रेलवे स्टेशन परिसर में दिनांक 28 फरवरी 1994 को षड्यंत्रकारियों के द्वारा शाहिद सुखेन्द्र प्रसाद की हत्या कर दी गई थी. वे वामपंथ विचारधारा, कार्ल मार्क्स के वैज्ञानिक समाजवाद का सिद्धांत, कम्युनिस्ट समाज की रचना का सिद्धांत, साम्यवाद के प्रति अटूट आस्था, मेहनतकश वर्ग और श्रमजीवी वर्ग के संघर्ष के हिमायती थे. जो वर्गविहीन समाज का निर्माण करना चाहते थे. अर्थात् एक ऐसा समाज जिसमें वर्गसंघर्ष न हो. लेकिन पूंजीवादी व्यवस्था को उनके विचार से भय था इसीलिए उनके प्रतिमा को तोड़ दिया गया.
जानकारी के अनुसार पटना बिहार पुलिस मुख्यालय के आदेश पर गुरारू रेलवे परिसर में लगे सुखेन्द्र प्रसाद की प्रतिमा को स्थानीय पुलिस प्रशासन के द्वारा ध्वस्त कर दिया गया है. इस मौके पर पूर्व जिला पार्षद रामचंद्र आजाद, कामेश्वर सिंह यादव, खेलावन सिंह, सरयू प्रसाद, विनोद यादव, कमलेश कुमार नीरज, पारस पासवान, साधु यादव, अनूप मांझी, सुरेंद्र मांझी, संजय शर्मा, विकाश सिंह, रंधीर सिंह, शिवशांत शर्मा, धर्मदेव प्रसाद, बिरज यादव, युगल यादव, उपेंद्र प्रसाद, विशुन दास, संभू दास, राउदी यादव समेत कई लोग शामिल थे.
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