गयाजी में सहयोग शिविर में नहीं पहुंचे अधिकारी, खाली कुर्सियां देख लौटे ग्रामीण

बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण जनसुलभ पहल 'सहयोग शिविर' अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई. ग्रामीणों की शिकायतें अनसुनी रह गईं क्योंकि जिम्मेदार अधिकारी समय पर उपस्थित नहीं हुए. इस लापरवाही ने सरकारी मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

Gayaji News : बिहार सरकार की जनसुलभ पहल के तहत मंगलवार को घोड़ाघाट पंचायत भवन में आयोजित सहयोग शिविर अव्यवस्था का शिकार नजर आया. ग्रामीणों का आरोप है कि दोपहर तीन बजे तक शिकायतों के निष्पादन के लिए जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे. शिविर में केवल तीन-चार विभागों के कर्मचारी ही मौजूद थे, जिससे अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा.

ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के जिलाध्यक्ष राजेंद्र दुबे ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पंचायत स्तर पर ही नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान कराना और लोगों को प्रखंड व जिला मुख्यालय के चक्कर से बचाना है. लेकिन अधिकारियों की अनुपस्थिति से इस उद्देश्य पर सवाल खड़े हो गए.

औपचारिकता बनकर रह गया शिविर

ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने अधिकारियों की गैरहाजिरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब जिम्मेदार पदाधिकारी ही उपस्थित नहीं होंगे तो ऐसे शिविर आयोजित करने का कोई औचित्य नहीं रह जाता. लोगों का कहना था कि वे अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद से पहुंचे थे, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी.

पंचायत प्रतिनिधियों ने उठाई लापरवाही की बात

पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि सहयोग शिविर की सूचना समय पर सभी संबंधित विभागों को दे दी गई थी. इसके बावजूद अधिकारियों की लापरवाही के कारण शिविर केवल औपचारिकता बनकर रह गया. लोगों ने भविष्य में ऐसे आयोजनों को प्रभावी बनाने और अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की.


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Author: Prabhat khabar news desk

Published by: Vivek Singh

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
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