गयाजी में नगर निगम प्रभारी और आयुक्त में भिड़ंत, कार्यालय में हुई तीखी नोकझोंक

शहर के नगर निगम में शुक्रवार की सुबह सैरात निविदा को लेकर प्रभारी नगर आयुक्त व सहायक भीड़ गए. दोनों के बीच तीखी बहस हुई. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को “देख लेने” की बात कही. जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया.

Gayaji News: (गयाजी से जितेंद्र मिश्रा) शहर के नगर निगम में शुक्रवार की सुबह सैरात निविदा को लेकर प्रभारी नगर आयुक्त व सहायक भीड़ गए. दोनों के बीच तीखी बहस हुई. विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे को “देख लेने” तक की बात कही गई. घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो निगम कार्यालय में चर्चा का विषय बना हुआ है.

क्यों हुआ था विवाद

मिली जानकारी के अनुसार, नगर निगम में केदारनाथ मार्केट, पंचायती अखाड़ा बस स्टैंड समेत तीन स्थानों की सैरात निविदा निष्पादन की प्रक्रिया शुक्रवार को होनी थी. इसी दौरान प्रभारी नगर आयुक्त शशिकांत और सहायक निशांत कुमार के बीच विवाद उत्पन्न हो गया. बहस के दौरान दोनों पक्षों की ओर से तीखी भाषा का इस्तेमाल किया गया और कार्यालय परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही.

अधिकारियों व कर्मचारियों ने कराया शांत

कार्यालय में मौजूद कई अधिकारी और कर्मचारी दोनों पक्षों को शांत कराने में जुटे रहे, लेकिन काफी देर तक माहौल गर्म बना रहा. घटना के दौरान आसपास के लोग भी जमा हो गए. निगम कार्यालय में इस घटना को लेकर कर्मचारियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.

प्रभारी नगर आयुक्त ने क्या कहा

प्रभारी नगर आयुक्त शशिकांत ने बताया कि उन्हें नगर आयुक्त की ओर से केवल रूटीन कार्यों के निष्पादन का प्रभार दिया गया है. उन्होंने कहा कि वित्तीय अधिकार नहीं होने के कारण वे सैरात निष्पादन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा सकते थे. उनका आरोप है कि सहायक की ओर से इस कार्य को लेकर दबाव बनाया जा रहा था. उन्होंने यह भी कहा कि किसी अधिकारी को अपने चेंबर में बैठिये कहना संविधान और प्रशासनिक मर्यादा के अनुकूल नहीं है.

सहायक ने लगाया अभद्र व्यवहार का आरोप

वहीं सहायक निशांत कुमार का कहना है कि वे नगर आयुक्त के निर्देशों का पालन कर रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान प्रभारी नगर आयुक्त उनकी ओर अनाप-शनाप बातें कहने लगे, जिससे विवाद बढ़ गया.

कार्यालय में चर्चा का विषय बनी घटना

नगर निगम के कर्मचारियों के बीच इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कुछ कर्मचारी एक पक्ष को दोषी ठहरा रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि इस तरह की घटनाएं कार्यालय की कार्यसंस्कृति पर गलत प्रभाव डाल रही हैं. बताया जा रहा है कि इस तरह का तनावपूर्ण माहौल निगम कार्यालय में पहले भी कई बार बन चुका है.

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By Sakshi kumari

Sakshi kumari is a contributor at Prabhat Khabar.

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