गयाजी में 7 मदरसों और 6 संस्कृत स्कूलों की होगी जांच, शिक्षा विभाग ने दिया 10 दिन का अल्टीमेटम

Gayaji News: गयाजी जिले में 7 मदरसों और 6 स्कूलों की जांच की जाएगी. शिक्षा विभाग ने इसके लिए त्रिसदस्यीय कमेटी का गठन किया है.इस कमेटी को 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट तैयार कर विभाग को सौंपनी होगी.

गयाजी से हरिबंश कुमार की रिपोर्ट
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गयाजी जिले में 7 मदरसों और 6 स्कूलों की जांच की जाएगी. शिक्षा विभाग ने इसके लिए त्रिसदस्यीय कमेटी का गठन किया है.इस कमेटी को 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट तैयार कर विभाग को सौंपनी होगी. जानकारी अनुसार संचालित अराजकीय प्रस्वीकृत अनुदानित संस्कृत स्कूलों और मदरसों की जांच को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कृष्ण मुरारी गुप्ता के निर्देश पर जिले के चयनित संस्कृत विद्यालयों और मदरसों की स्थलीय जांच के लिए त्रिसदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है. जांच पूरी कर 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट विभाग को सौंपनी होगी.

फोटो और साक्ष्य के साथ भेजी जाएगी रिपोर्ट

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जांच रिपोर्ट केवल औपचारिक नहीं होगी, बल्कि फोटो, दस्तावेजी साक्ष्य और स्पष्ट टिप्पणियों के साथ निर्धारित प्रपत्र में तैयार की जाएगी. जांच टीम को संबंधित संस्थानों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराना होगा. जिला प्रशासन इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा.

छात्र उपस्थिति से लेकर शैक्षणिक गतिविधियों तक होगी पड़ताल

गठित कमेटी संस्कृत स्कूलों और मदरसों की भौतिक स्थिति, शैक्षणिक गतिविधियों, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, आधारभूत सुविधाओं और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच करेगी. विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि अनुदानित संस्थानों में शिक्षा व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हो रही है या नहीं.

बीडीओ, बीईओ और प्रधानाध्यापक करेंगे संयुक्त जांच

जिले के विभिन्न प्रखंडों में स्थित मदरसों और संस्कृत विद्यालयों की जांच के लिए त्रिसदस्यीय समिति बनाई गई है. इसमें संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को समिति का अध्यक्ष, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) को सदस्य सचिव और एक प्रधानाध्यापक को सदस्य बनाया गया है. यह टीम स्थलीय निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी.

इन छह संस्कृत स्कूलों की होगी विशेष जांच

शिक्षा विभाग द्वारा जिन संस्कृत विद्यालयों की जांच कराई जाएगी उनमें संस्कृत उच्च विद्यालय मानिकपुर, टनकुप्पा, सांग दर्शन संस्कृत उच्च विद्यालय भोरी, टिकारी, यमुना सिंह केदार संस्कृत प्राथमिक मध्य विद्यालय मुशी, टिकारी, राजेंद्र संस्कृत प्राथमिक सह उच्च विद्यालय मानपुर, श्री जगदीश संस्कृत उच्च विद्यालय गड़ेरिया, रानीगंज, इमामगंज और श्री सिद्धेश्वर मिश्र संस्कृत उच्च विद्यालय चंदौती शामिल हैं.

इन सात मदरसों की भी होगी गहन जांच

जांच के दायरे में मदरसा दरशादुल उलूम अंदर किला, टिकारी, मदरसा गुलशने तैवा मंजरी खुर्द, बांकेबाजार, मदरसा रहमानिया घोड़ाघाट, डोभी(गया), मदरसा दारूल कुरआन गफुरिया तारापुर, गुरुआ, मदरसा कदरिया भाम, आंती, कोंच, मदरसा गरीब नवाज, आंती, कोंच और मदरसा असहनूल मदारिस सिहूली, आमस को शामिल किया गया है.

10 दिनों के बाद हो सकती है बड़ी कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने गठित जांच समितियों को निर्देश दिया है कि पत्र जारी होने के 10 दिनों के भीतर जांच प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट जमा करें. रिपोर्ट के आधार पर विभाग आगे की कार्रवाई करेगा. माना जा रहा है कि इस जांच के बाद संबंधित संस्थानों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी और जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि अनुदानित शिक्षण संस्थानों की नियमित जांच से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी. साथ ही यह भी सुनिश्चित होगा कि सरकारी सहायता का लाभ छात्रों तक सही तरीके से पहुंच रहा है और संस्थान निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित हो रहे हैं.

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Published by: Sakshi kumari

साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

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