डुमरिया में भीषण गर्मी के बीच प्यास से तड़पते रहे लोग, मंझौली बाजार में पानी की तलाश में भटक रहे ग्रामीण

मंझौली बाजार में सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था ठप होने से महिलाएं और छोटे बच्चे तक प्यास से परेशान दिख रहे हैं. लगातार बढ़ते जल संकट ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

Gaya News: (मनोज मिश्रा) भीषण गर्मी के बीच डुमरिया प्रखंड के मंझौली बाजार में पेयजल संकट गहराता जा रहा है. हालात ऐसे हो गए हैं कि राहगीरों और ग्रामीणों को पानी के लिए दुकानों और बंद पड़े चापाकलों का सहारा लेना पड़ रहा है.

इलाज कराने आई मां-बेटी को नहीं मिला पानी

समाजवादी चिंतक और शिक्षाविद मिथिलेश सिंह दांगी ने बताया कि तीन दिन पूर्व झारखंड के पड़रिया गांव से एक गरीब महिला अपनी 12 वर्षीय बेटी का इलाज कराने मंझौली बाजार आई थी. इलाज के बाद मां-बेटी पानी की तलाश में निकलीं और बाजार के एकमात्र चापाकल तक पहुंचीं, लेकिन उसमें पानी नहीं था. इसके बाद उन्होंने एक सब्जी दुकानदार से पानी मांगा, मगर वहां भी पानी उपलब्ध नहीं था. यह दृश्य देखकर श्री दांगी ने दोनों को अपने पास बुलाकर पानी पिलाया.

प्यास से रोती बच्ची को देखकर लोग हुए भावुक

बुधवार को भी ऐसा ही एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला. एक महिला अपनी करीब छह वर्षीय बेटी के साथ बाजार से गुजर रही थी. बच्ची लगातार प्यास से रोते हुए पानी मांग रही थी, जबकि उसकी मां उसे समझाते हुए आगे बढ़ रही थी. यह देखकर मिथिलेश सिंह दांगी ने दोनों को रोककर पानी पिलाया.

चापाकल ने भी छोड़ा साथ, लोग परेशान

इसके बाद श्री दांगी ने बाजार के एकमात्र चापाकल का निरीक्षण किया. वहां मौजूद ठेला चालक ने बताया कि जलस्तर नीचे चले जाने के कारण चापाकल से पानी निकलना बंद हो गया है. बाजार में कोई वैकल्पिक सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था नहीं होने से राहगीरों और ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है.

जिलाधिकारी से लगाई गुहा

मिथिलेश सिंह दांगी ने जिलाधिकारी से अविलंब मंझौली बाजार में समुचित पेयजल व्यवस्था कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है, ऐसे में प्रशासन को जल्द ठोस कदम उठाने की जरूरत है.

Also Read: चितापकला में पति-पत्नी आमने-सामने, पैक्स चुनाव ने बढ़ी सियासी सरगर्मी, नामांकन के पहले दिन दिलचस्प हुआ मुकाबला

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sakshi Kumari

साक्षी कुमारी को डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 वर्षों का अनुभव है. पिछले तीन वर्षों से वह डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. उन्हें राजनीति, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक मुद्दों से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग और लेखन का अनुभव है. बिहार की राजनीति और क्षेत्रीय मुद्दों पर उनकी विशेष रुचि है. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization) की भी अच्छी समझ है, जिससे वह पाठकों तक समय पर और प्रभावी ढंग से खबरें पहुंचाने में दक्ष हैं. तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यशैली है.

Read More
Tags
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >