Gaya News : रोहित कुमार सिंह की रिपोर्ट. गया जंक्शन पर लंबे समय से चली आ रही पार्सल प्रबंधन की बदइंतजामी और सुरक्षा खामियों को दूर करने के लिए रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है. स्टेशन के एक नंबर गुमटी के पास लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से एक नया और आधुनिक पार्सल ऑफिस भवन बनाया जाएगा. इसके निर्माण के लिए रेलवे की ओर से सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है. इस नए प्रोजेक्ट का उद्देश्य प्लेटफॉर्म पर खुले में रखे जाने वाले सामान की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पार्सल बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक की प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाना है.
प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर अव्यवस्था से मिलेगी मुक्ति
वर्तमान में गया जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक के पास पार्सल रखने की कोई समुचित और सुरक्षित व्यवस्था नहीं है. जगह की कमी के कारण व्यापारियों और आम लोगों का सामान खुले में प्लेटफॉर्म पर ही रखा जाता है. इससे न सिर्फ यात्रियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, बल्कि सामान की चोरी और नुकसान का खतरा भी लगातार बना रहता है. रेलवे प्रशासन को उम्मीद है कि नई पार्सल बिल्डिंग के चालू होने से प्लेटफॉर्म पर पसरी यह अव्यवस्था खत्म हो जाएगी.
24 घंटे निगरानी और डिजिटल काउंटर की होगी सुविधा
नए पार्सल भवन को आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुसार डिजाइन किया जा रहा है. इसमें माल को सुरक्षित रखने के लिए अलग-अलग स्टोरेज रूम बनाए जाएंगे, जिनकी सीसीटीवी के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा सकेगी. पार्सल की बुकिंग, रखरखाव और डिलीवरी की पूरी प्रक्रिया को भी मैनुअल से हटाकर डिजिटल किया जाएगा. इसके लिए नए भवन में डिजिटल काउंटर स्थापित किए जाएंगे. इससे व्यापारियों को लंबी लाइनों में लगने से छुटकारा मिलेगा और काम तेजी से निपटाया जा सकेगा.
पोर्टर्स (कुली) और व्यापारियों के लिए विशेष रेस्ट रूम
पार्सल विभाग में दिन-रात लोडिंग और अनलोडिंग का भारी काम करने वाले पोर्टर्स (कुलियों) की सुविधाओं का भी इस प्रोजेक्ट में ध्यान रखा गया है.
- कर्मचारियों के लिए: नए भवन में पोर्टर्स के आराम करने के लिए एक विशेष विश्राम कक्ष (Rest Room) बनाया जाएगा.
- व्यापारियों के लिए: दूर-दराज के इलाकों से आने वाले व्यापारियों और ग्राहकों के बैठने के लिए भी वेटिंग एरिया की उचित व्यवस्था होगी.
- इस नई व्यवस्था के लागू होने से न केवल पार्सल डिलीवरी की समय-सीमा तय होगी, बल्कि ई-कॉमर्स और ऑनलाइन कारोबार से जुड़े छोटे व्यापारियों को भी सुरक्षित और तेज माल ढुलाई की सुविधा मिल सकेगी.
