Gaya News: मातृत्व एनीमिया की पहचान के लिए कुपोषित बच्चों के भूख का परीक्षण जरूरी, स्वास्थ्य विभाग ने दिया प्रशिक्षण

Gaya News: गया में कुपोषित बच्चों तथा मातृत्व एनीमिया की पहचान कर उपचार सेवाएं मुहैया करायी जा रही है. इसके लिए नियमित प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है.

Gaya News: गया जिले में कुपोषित बच्चों तथा मातृत्व एनीमिया की जांच, पहचान, उपचार और रेफरल को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कवायद जारी है. इनसे जुड़ी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस क्रम में मंगलवार को चार प्रखंडों गया सदर, मानपुर, बोधगया तथा परैया की एएनएम को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण का आयोजन बैचवार तीन दिनों तक होगा, इसमें 166 एएनएम को प्रशिक्षण दिया जाना है. आगे अन्य प्रखंडों का भी प्रशिक्षण किया जाना है.

स्वास्थ्य विभाग ने दिया प्रशिक्षण

डीपीएम नीलेश कुमार ने कहा कि कुपोषित बच्चों तथा मातृत्व एनीमिया की भी पहचान कर उपचार सेवाएं मुहैया करायी जा रही है. इसके लिए नियमित प्रशिक्षण की भी जरूरत है. इसे देखते हुए इस प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बाल संवर्धन के बारे में समुदाय आधारित कुपोषण प्रबंधन के 10 चरण के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी. प्रतिभागियों को वृद्धि निगरानी, कुपोषित बच्चों के भूख का परीक्षण, चिकित्सा मूल्यांकन, पोषण तथा चिकित्सीय प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं साफ-सफाई, नियमित निगरानी जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गयी.

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एनीमिया के लक्षणों के बारे में रखें जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान महिला में एनीमिया के लक्षणों की पहचान करने के बारे में बताया गया. इन लक्षणों में इनमें त्वचा, चेहरे, जीभ और आंखों की लालिमा की कमी, काम करने पर जल्दी ही थकावट हो जाना, सांस फूलना या घुटन होना, काम में ध्यान न लगना और बातें भूल जाना, चक्कर आना, भूख न लगना और चेहरे और पैरों में सूजन आदि की जानकारी दी गयी. इस दौरान बताया गया कि खून में आयरन की सही मात्रा होने से बच्चे का उचित शारीरिक और मानसिक विकास होता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है.

प्रशिक्षण में रहे ये मौजूद

जिला स्वास्थ्य समिति, एम्स पटना व यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण का शुभारंभ डीपीएम स्वास्थ्य नीलेश कुमार, डीआइओ डॉ राजीव अंबष्ट, पोषण पदाधिकारी डॉ संदीप घोष, डॉ शिवानी डार, एम्स पटना से डॉ दीपिका, डॉ वेंकटेश व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने संयुक्त रूप से किया. इस मौके पर राज्य एवं जिला स्तर से यूनिसेफ सलाहकार प्रकाश सिंह, गगन, अमरेंद्र, अंकित कुमार व आदि मौजूद थे.

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लेखक के बारे में

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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