बशीर बद्र नहीं रहे: साहित्य जगत में शोक की लहर, गया में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

Gaya News: गया में उर्दू के मशहूर शायर बशीर बद्र को श्रद्धांजलि दी गई. साहित्यकारों ने उन्हें याद करते हुए दो मिनट का मौन रखा और उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया.

Gaya News: (नीरज कुमार की रिपोर्ट) उर्दू के प्रसिद्ध शायर बशीर बद्र को गया जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई. साहित्यकारों ने उनके निधन को साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया.

श्रद्धांजलि सभा में याद किए गए बशीर बद्र

मशहूर शायर बशीर बद्र का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया. वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उनके निधन से साहित्य और शायरी की दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई है. सभा में वक्ताओं ने कहा कि बशीर बद्र ने उर्दू शायरी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और उनकी रचनाएं आज भी लोगों की जुबान पर रहती हैं. उनका प्रसिद्ध शेर- “हम हैं दरिया हमें अपना हुनर मालूम है…”—आज भी बेहद लोकप्रिय है।

साहित्यकारों ने दी श्रद्धांजलि

श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित साहित्यकारों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. इस अवसर पर सभापति सुरेंद्र सिंह सुरेंद्र, महामंत्री सुमंत, उप सभापति खालिक हुसैन परदेसी, संयुक्त मंत्री उदय सिंह, डॉ. राकेश कुमार सिन्हा रवि, डॉ. राम परीखा सिंह सहित कई साहित्यकार मौजूद रहे.

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लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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