Gaya News(नीरज कुमार): पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं और अभ्यर्थियों पर हो रहे कथित पुलिस दमन के खिलाफ छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है. गुरुवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के बैनर तले गया कॉलेज खेल परिसर के मुख्य द्वार पर छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान छात्रों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
“शिक्षा माफियाओं के हाथ बिक रहा छात्रों का भविष्य”
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय ने सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश में पेपर लीक को एक सामान्य संस्कृति बना दिया गया है. आइसा नेताओं ने आरोप लगाया कि एनटीए (NTA) और भाजपा सरकार ने नई शिक्षा नीति और निजी एजेंसियों के माध्यम से छात्रों का भविष्य शिक्षा माफियाओं के हाथों गिरवी रख दिया है. आगे उन्होंने प्रदर्शन कर रहे टीआरई-4 (TRE-4) अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी और उन पर लाठीचार्ज को लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या बताया गया.
महिला अभ्यर्थियों से बदसलूकी पर जताई चिंता
प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से महिला अभ्यर्थियों के साथ पुलिसिया व्यवहार पर सवाल उठाए. नेताओं ने कहा कि पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा महिला अभ्यर्थियों के साथ बदसलूकी और मारपीट की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य के शिक्षा मंत्री की चुप्पी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया.
क्या हैं आइसा की मुख्य मांगें
छात्र संगठन ने सरकार से जेल भेजे गए अभ्यर्थियों को अविलंब रिहा किए जाने और उनकी बहाली सुनिश्चित की जाने की अपील की है. साथ ही अभ्यर्थियों पर जारी पुलिसिया दमन को तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग की है. आगे उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं पर पूर्ण रोक लगाने के लिए ठोस कानून बनाने और प्रभावित परीक्षाओं की पुनः परीक्षा की तिथियां शीघ्र घोषित की जाने की मांग की है.
प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन में राज्य परिषद सदस्य मो. शेरजहां, मुकेश कुमार, मो. शाकिब, चितरंजन, छोटू कुमार समेत बड़ी संख्या में छात्र शामिल थे. छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो यह आंदोलन और भी उग्र होगा.
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