Gaya Ji News: अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और प्रमुख सनातन तीर्थस्थल गया जंक्शन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार तथा लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन को लेकर ग्रैंड कॉर्ड पैसेंजर्स एसोसिएशन ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा है. एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जैन ने रेल मंत्री से आग्रह किया है कि पूर्व मध्य रेलवे (ECR) द्वारा रेलवे बोर्ड को पहले ही भेजे जा चुके अनुशंसा प्रस्तावों पर शीघ्र अंतिम निर्णय लिया जाए. पत्र में प्रमुख रूप से गया से मुंबई के लिए सीधी दैनिक ट्रेन शुरू करने और सियालदह-बीकानेर/नई दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस का गया में व्यावसायिक ठहराव देने की मांग उठाई गई है.
मुंबई रूट पर भारी भीड़, नई दैनिक ट्रेन की सख्त जरूरत
मांग पत्र में गया-मुंबई रेलखंड पर यात्रियों के अत्यधिक दबाव का हवाला दिया गया है:
- सीटों का अभाव: वर्तमान में इस मार्ग पर केवल हावड़ा-मुंबई मेल (12321/12322) उपलब्ध है, जिसमें सालभर भारी वेटिंग लिस्ट रहती है.
- कई जिलों के यात्री निर्भर: गया, औरंगाबाद, रोहतास (सासाराम-डेहरी), कैमूर, नवादा, जहानाबाद और पड़ोसी राज्य झारखंड के चतरा जिले से बड़ी संख्या में लोग मुंबई जाते हैं. सीधी ट्रेन के अभाव में यात्रियों को पटना या वाराणसी जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है.
- प्रस्ताव पहले से लंबित: पूर्व मध्य रेलवे इस संबंध में नई दैनिक ट्रेन का विस्तृत प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को पहले ही भेज चुका है, जिस पर मुहर लगना शेष है.
चेन्नई, एकात्मता और कामाख्या एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने की मांग
कई महत्वपूर्ण लंबी दूरी की ट्रेनों के फेरे (फ्रीक्वेंसी) बढ़ाने की वकालत की गई है:
- गया-चेन्नई एक्सप्रेस (12389/12390): दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों की भारी तादाद को देखते हुए इस लोकप्रिय ट्रेन को सप्ताह में सीमित दिनों के बजाय सातों दिन (दैनिक) चलाने और अतिरिक्त रैक उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है.
- एकात्मता एक्सप्रेस (14259/14260/14261/14262): गया और लखनऊ के बीच चलने वाली इस ट्रेन को एक अतिरिक्त रैक देकर सप्ताह के सातों दिन नियमित करने की मांग की गई है. वर्तमान में यह मात्र तीन दिन ही संचालित होती है.
- गया-कामाख्या एक्सप्रेस (15619/15620): पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने वाली इस साप्ताहिक ट्रेन की फ्रीक्वेंसी बढ़ाकर प्रतिदिन करने की मांग रखी गई है.
अतिरिक्त वाशिंग पिट और गया-किऊल रेलखंड पर नई ट्रेनें
ट्रेनों के समुचित रखरखाव और नए रूटों के उपयोग को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं:
- वाशिंग पिट का विस्तार: वर्ष 2017 के बाद गया में कोई नई मेंटेनेंस पिट नहीं बनी है. अहमदाबाद, सूरत, पुणे, बेंगलुरु, सिकंदराबाद और एर्नाकुलम जैसे औद्योगिक शहरों के लिए नई ट्रेनों की शुरुआत तभी संभव होगी, जब जंक्शन पर अतिरिक्त वाशिंग पिट लाइनें तैयार हों.
- गया-किऊल रूट का उपयोग: दोहरीकरण और विद्युतीकरण पूरा होने के बाद असम से नई दिल्ली और मुंबई जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों को गया-किऊल रेलखंड से संचालित करने या मौजूदा ट्रेनों का मार्ग इस रूट पर डायवर्ट करने का प्रस्ताव दिया गया है.
