भारत विकास परिषद की ओर से शहर में 'गया जी पितृ तीर्थ : धार्मिक, ऐतिहासिक एवं वैज्ञानिक आयाम' विषय पर एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मगध की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को जानना, समझना और उसे सहेजना था.
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मगध के आईजी सह 'लेट्स इंस्पायर बिहार' अभियान के संस्थापक विकास वैभव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मगध की गौरवशाली विरासत के महत्व से समाज का एक बड़ा वर्ग अब भी पूरी तरह परिचित नहीं है. इसके लिए विशेष रूप से युवा पीढ़ी को आगे आकर इसके संरक्षण और संवर्धन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की जरूरत है.
खगोलीय और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से पितृ पूजा की व्याख्या
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर डॉ. आनंद वर्धन ने गयाजी तीर्थ और पितृ पूजा की प्राचीन परंपरा की विस्तृत व्याख्या आध्यात्मिक भूगोल तथा खगोलीय दृष्टिकोण से की. उन्होंने गया को 'आदित्य हृदय क्षेत्र' के रूप में परिभाषित करते हुए इसे मगध का मध्य बिंदु बताया. इसके साथ ही उन्होंने यहां की 360 पिंड वेदिकाओं की परंपरा को वृत्त के 360 अंशों से जोड़कर उसकी बेहद अनूठी खगोलीय एवं सांस्कृतिक व्याख्या प्रस्तुत की.
भारत विकास परिषद के सेवा कार्यों पर चर्चा
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन भारत विकास परिषद की क्षेत्रीय अध्यक्ष सुमन सिंह और मंचासीन अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम के संयोजक रंजीत कुमार ने सभी मंचासीन अतिथियों का स्वागत किया और उनका परिचय कराया. प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय कुमार सिंह ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में भारत विकास परिषद द्वारा समाज हित में किए जा रहे विभिन्न सामाजिक और सेवा कार्यों की जानकारी दी.
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कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन मुकेश कुमार ने किया, जबकि क्षेत्रीय संयोजक (सेवा) अमृतेश कुमार ने परिषद की ओर से पूर्व में किए गए सेवा और सामाजिक कार्यों पर एक पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (PPT) प्रस्तुत किया.
गरिमामयी उपस्थिति
इस परिचर्चा और संगोष्ठी के दौरान अनुग्रहपुरी शाखा अध्यक्ष डॉ. भोला भाई, डॉ. अभय सिंबा, डॉ. प्रमोद कुमार सिन्हा, देवनाथ मेहरवार, प्रो. शांति सिंह, क्षेत्रीय संयोजक (संस्कार) प्रदीप कुमार, डॉ. शैलेंद्र कुमार, डॉ. ऋषिकेश कुमार, डॉ. नीरज कुमार, अधिवक्ता मुकेश कुमार, प्रो. धनंजय धीरज, सब्यसाची, वंदना कुमारी, धर्म साही, प्रो. डॉ. वीरेंद्र कुमार और संजय महुऐत सहित कई गणमान्य बुद्धिजीवी एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे.
