गया जी से संजीव कुमार सिन्हा की रिपोर्ट
Gaya ji News: गया जी शहर के प्रभावती अस्पताल में सुबह सुबह सुरक्षा गार्डों ने जमकर बवाल काटा है. चार महीने से वेतन नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए गार्डों ने नाराजगी जताई है. गार्डों का कहना है कि फरवरी से मई 2026 तक का भुगतान अब तक नहीं हुआ है, जबकि अस्पताल प्रशासन का दावा है कि नियुक्ति प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं. वेतन भुगतान और नियुक्ति की वैधता को लेकर अब दोनों पक्ष आमने-सामने हैं.
4 महीने से वेतन नहीं मिलने से आर्थिक संकट
प्रभावती अस्पताल में कार्यरत सुरक्षा गार्डों का आरोप है कि उन्हें फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई 2026 का वेतन अब तक नहीं मिला है. लगातार भुगतान नहीं होने से उनके सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई हैं और परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है.
सुपरवाइजर बोले- सिर्फ आश्वासन मिल रहा
गार्डों के सुपरवाइजर एवं ट्रेनर पंकज कुमार ने बताया कि अस्पताल प्रशासन की ओर से बार-बार भुगतान का भरोसा दिया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई राशि जारी नहीं की गई है. उनका कहना है कि गार्ड लगातार ड्यूटी कर रहे हैं, बावजूद इसके उनका बकाया भुगतान लंबित है.
गार्डों ने दी नौकरी छोड़ने की चेतावनी
पंकज कुमार के अनुसार कई सुरक्षा कर्मी अब नौकरी छोड़ने पर विचार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कर्मचारी अब तक कंपनी के भरोसे काम कर रहे हैं, लेकिन लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण उनका धैर्य जवाब देने लगा है. गार्डों ने जल्द भुगतान नहीं होने पर बड़ा कदम उठाने के संकेत भी दिए हैं.
अधीक्षक ने पलटवार करते हुए नियुक्ति को बताया अवैध
दूसरी ओर अस्पताल की अधीक्षक डॉ. सुषमा वर्मा ने गार्डों के आरोपों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि मामला सिर्फ वेतन भुगतान का नहीं है, बल्कि सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का है. उनके अनुसार संबंधित गार्डों की तैनाती नियमों के अनुरूप नहीं की गई थी.
लाइसेंस और दस्तावेजों में गड़बड़ी का दावा
अधीक्षक का कहना है कि नियुक्ति के समय सुरक्षा एजेंसी के पास आवश्यक लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे. उन्होंने बताया कि प्राइवेट सिक्योरिटी एक्ट के तहत जिन औपचारिकताओं का पालन किया जाना चाहिए था, उन्हें पूरा नहीं किया गया. इस संबंध में एजेंसी को पहले ही लिखित सूचना दी जा चुकी थी.
बार-बार बदले गए गार्ड
अस्पताल प्रशासन ने यह भी आरोप लगाया है कि सुरक्षा एजेंसी की ओर से लगातार गार्ड बदले जाते रहे और उनकी नियुक्ति संबंधी पूरी जानकारी अस्पताल को नहीं दी गई. इससे सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रिया दोनों पर सवाल खड़े हुए हैं. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मामला विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन है. यदि संबंधित एजेंसी सक्षम अधिकारियों के निर्देश या आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करती है तो नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल भुगतान और नियुक्ति की वैधता दोनों मुद्दों पर अंतिम निर्णय लंबित है.
