किसान परिवार ने एसएचओ पर लगाए गंभीर आरोप, SSP से की निष्पक्ष जांच की मांग

Gaya Ji News: गयाजी जिले के डुमरिया प्रखंड अंतर्गत मैगरा थाना क्षेत्र के बलीचक गांव के एक किसान परिवार ने मैगरा एसएचओ पर मारपीट करने और खाली ट्रैक्टर में बालू भरकर झूठा मुकदमा दर्ज करने का गंभीर आरोप लगाया है.

Gaya Ji News: (डुमरिया प्रखंड से मनोज मिश्रा की रिपोर्ट) :
मैगरा थाना क्षेत्र के बलीचक गांव निवासी एक किसान परिवार ने मैगरा एसएचओ पर मारपीट, गाली-गलौज और झूठा मामला बनाने का गंभीर आरोप लगाते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से निष्पक्ष जांच की मांग की है. पीड़ित अमरदीप कुमार ने एसएसपी सुशील कुमार को दिए आवेदन में बताया है कि उनके पिता राजेश प्रसाद रोज की तरह खेती का कार्य समाप्त कर अपना ट्रैक्टर गांव के ही एक बगीचे में खड़ा किए हुए थे. इसी दौरान किसी व्यक्ति द्वारा पुलिस को भ्रामक सूचना दी गई कि उक्त ट्रैक्टर से अवैध रूप से बालू की ढुलाई की जा रही है. सूचना मिलने पर मैगरा एसएचओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ट्रैक्टर को जब्त कर थाना ले जाने लगे, जिसका परिजनों ने विरोध किया.

परिजनों का आरोप- खाली ट्रैक्टर में बालू भरकर फंसाने की रची गई साजिश

अमरदीप का आरोप है कि परिवार के लोगों ने जब पुलिस को बताया कि ट्रैक्टर पूरी तरह खाली है और केवल बगीचे में खड़ा था, तब विवाद और बढ़ गया. विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने उनके पिता के साथ मारपीट और गाली-गलौज की और उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया. पीड़ित परिवार का सबसे गंभीर आरोप यह है कि खाली ट्रैक्टर को थाना ले जाने के बाद पुलिस ने उसमें जबरन बालू भर दिया ताकि झूठा खनन मामला बनाया जा सके. अमरदीप ने सवाल उठाया कि यदि ट्रैक्टर वास्तव में बालू से लदा हुआ था, तो मौके से उनके पिता को भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जिससे पूरी पुलिसिया कार्रवाई पर गहरा संदेह उत्पन्न होता है.

सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग, घायल किसान मेडिकल कॉलेज में भर्ती

पीड़ित परिवार ने मांग की है कि मैगरा थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, जिससे यह सच सामने आ सके कि ट्रैक्टर खाली लाया गया था या भरा हुआ. परिवार के अनुसार, पुलिसिया मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए किसान राजेश प्रसाद को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरिया ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल (ANMMCH) रेफर कर दिया. वर्तमान में उनका इलाज इमरजेंसी वार्ड में चल रहा है.

एसएचओ ने आरोपों को नकारा, कहा- सारे आरोप झूठे और राजनीति से प्रेरित

दूसरी तरफ, इन गंभीर आरोपों के संबंध में मैगरा एसएचओ धर्मेंद्र कुमार ने पुलिस का पक्ष रखते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने इसे पूरी तरह बेबुनियाद, गलत और राजनीति से प्रेरित बताया है. थानाध्यक्ष ने कड़े शब्दों में कहा कि ट्रैक्टर में बाद में बालू भरने तथा किसान के साथ मारपीट या गाली-गलौज किए जाने की बात पूरी तरह निराधार है. उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि जब भी कोई अवैध वाहन जब्त किया जाता है, तो कानूनन कार्रवाई होती है, गाड़ी मालिक को छोड़ने या फंसाने का आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत है.

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Published by: Suryakant Kumar

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