‘केकर नजर लगलो रे बाप, अब सहन न होएत हे…’ पति, बेटा-बेटी और अब दामाद की मौत से टूटा गया जी का परिवार

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर दो दर्दनाक सड़क दुर्घटनाओं ने खुशियों को मातम में बदल दिया. इन हादसों में चार लोगों की जान चली गई, जिससे कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.

Gaya Ji डेहरी/गया जी: जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में शुक्रवार को हुई दो भीषण सड़क दुर्घटनाओं ने रक्षाबंधन की खुशियों को मातम में बदल दिया. एक सड़क हादसे में जहां चार लोगों की जान चली गयी, वहीं दूसरी घटना में एक युवक की मौत के बाद उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. हादसों के बाद मृतकों के गांवों और घरों में चीख-पुकार मच गयी तथा पूरे इलाके में शोक का माहौल है.

एक साल में चार मौतों ने उजाड़ दिया परिवार

डेहरी-इंद्रपुरी पथ पर पड़ने वाले मोड़ के समीप हुई सड़क दुर्घटना में करसारा गांव निवासी धर्मेंद्र यादव की मौत हो गयी. धर्मेंद्र की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया. बताया जाता है कि वह अपने साले के घर आयोजित भोज में शामिल होने के लिए प्रथाना गांव आये थे और इसके बाद वहीं रुके हुए थे.

दुर्घटना में धर्मेंद्र की मौत के बाद परिवार के सामने दुखों का एक और पहाड़ खड़ा हो गया. वह एक छोटे बच्चे के पिता थे. जानकारी के अनुसार, इस परिवार ने पिछले एक साल के दौरान चार लोगों को खो दिया है.

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मृतक धर्मेंद्र यादव की तस्वीर

बेटे की मौत से मां हुई बेसुध

धर्मेंद्र की मौत की खबर सुनते ही उनकी बुजुर्ग मां बेसुध हो गयीं. वह बार-बार बेटे की लाश को देखकर रोती रहीं. परिजनों को संभालना मुश्किल हो रहा था. मां की करुण पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गयीं.

परिवार के लोगों के अनुसार, पहले भी इस घर पर दुखों का पहाड़ टूट चुका है. एक बेटे की मौत के बाद परिवार पहले से ही सदमे में था और अब धर्मेंद्र की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया. घटना के बाद गांव में हर तरफ मातम पसरा रहा.

'धर्मेंद्र की सास ने कहा :- कैकर नजर लगालो रे बाप... लाशा देख-देख थक गइलि. हमरो उठा लेब भगवान. एक साल में चार लाशा देख ली, अब सहा नहीं जाता'

एक साल पहले हुई थी धर्मेंद्र के ससुर की मौत

जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि मोहन यादव ने बताया कि करीब एक साल पहले धर्मेंद्र यादव के ससुर और वृद्धा के पति की अचानक मौत हो गयी थी. परिवार इस सदमे से अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि करीब 40 दिन बाद उनके तीन बेटों में सबसे छोटे बेटे श्रवण यादव की भी मौत हो गयी.

छोटे बेटे के बाद मंझली बेटी को भी खो दिया

परिवार पर दुखों का सिलसिला यहीं नहीं रुका. छोटे बेटे श्रवण यादव की मौत के करीब सात दिन बाद उनकी मंझली बेटी की भी मौत हो गयी. बेटी की शादी टिकारी के छटवा गांव में हुई थी. एक साल के भीतर परिवार के तीन सदस्यों की मौत के बाद घर में पहले से ही मातम पसरा हुआ था.

रक्षाबंधन के दिन धर्मेंद्र यादव की मौत ने तोड़ दिया परिवार

इसी बीच रक्षाबंधन के दिन धर्मेंद्र यादव की सड़क हादसे में मौत हो गयी. बताया जाता है कि वह अपने साले के यहां आयोजित भोज में शामिल होने के लिए प्रधानी गांव आये थे और इसके बाद वहीं रुक गये थे. इसी दौरान हुए सड़क हादसे में उनकी जान चली गयी.

छोटे बच्चे के सिर से उठा पिता का साया

धर्मेंद्र यादव एक छोटे बच्चे के पिता थे. उनकी मौत के बाद बच्चे के सिर से पिता का साया उठ गया. एक साल के भीतर परिवार से जुड़े चार लोगों की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. धर्मेंद्र की मौत के बाद प्रधानी गांव में मातम पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए लोगों का तांता लगा रहा.

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By श्रीनिवास

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