Gaya Chemists Protest: (नीरज कुमार) ऑनलाइन मार्केटिंग समेत विभिन्न मांगों को लेकर गया जिला दवा विक्रेता संघ के आह्वान पर बुधवार को जिलेभर की सभी दवा दुकानें बंद रहीं. जिले की करीब ढाई हजार मेडिकल दुकानों पर ताला लटकने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
फतेह बहादुर शिवाला रोड में डटे रहे संघ के पदाधिकारी
सुबह 10 बजे से फतेह बहादुर शिवाला रोड स्थित दवा थोक मंडी में संघ के पदाधिकारी कैंप किए हुए हैं. संगठन के सचिव ने बताया कि यह आंदोलन सरकार की नीतियों और ऑनलाइन दवा मार्केटिंग के खिलाफ किया जा रहा है.
इमरजेंसी मरीजों के लिए जारी रही दवा व्यवस्था
संघ की ओर से स्पष्ट किया गया कि जरूरतमंद मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए इमरजेंसी दवाओं की व्यवस्था की गई है. यदि कोई मरीज दवा की जरूरत लेकर मंडी पहुंचता है, तो उसे आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
हमारी लड़ाई सरकार से, जनता से नहीं
संघ के सचिव ने कहा कि उनकी लड़ाई सरकार और उसकी व्यवस्था से है, आम लोगों से नहीं. संगठन हर स्तर पर आम लोगों का सहयोग करेगा और मरीजों की परेशानी को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का प्रयास किया जाएगा.
एक दिन में 10 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित
दवा दुकानों की बंदी से जिले में करीब 10 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है. संगठन के अनुसार जिले में प्रतिदिन औसतन 10 करोड़ रुपये का दवा कारोबार होता है. ऐसे में एक दिन की बंदी से बड़ा आर्थिक असर पड़ा है.
मांगें नहीं मानी गईं तो और तेज होगा आंदोलन
जिला दवा विक्रेता संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आगे और बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी. संगठन का कहना है कि ऑनलाइन दवा मार्केटिंग से छोटे दवा व्यवसायियों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.
