भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) द्वारा केंद्र सरकार की कथित कॉरपोरेटपरस्त नीतियों, महंगाई, बेरोजगारी, नई शिक्षा नीति, सांप्रदायिक राजनीति तथा किसान-मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ छह से 15 अगस्त तक राष्ट्रव्यापी पदयात्रा शुरू की गयी है. साथ ही कार्यकर्ताओं से एक सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली में शामिल होने का आह्वान किया गया.
खिजरसराय प्रखंड के बिहटा मांझी टोला से भाकपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जानकी पासवान के नेतृत्व में पदयात्रा निकाली गयी. पदयात्रा बिहटा, नौगढ़, कोडिहरा, शेख बिगहा, सतामस, गोनरडीह और पीरबिगहा होते हुए आगे बढ़ी.
सभा को संबोधित करते हुए जानकी पासवान ने आरोप लगाया कि बिहार की नई सैटेलाइट टाउनशिप योजना के माध्यम से किसानों की जमीन कॉरपोरेट घरानों को सौंपने की साजिश की जा रही है. उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, पलायन और छोटे कारोबारियों के विस्थापन का मुद्दा उठाते हुए सरकार से नौ सूत्री मांगों पर कार्रवाई की मांग की. पदयात्रा में सोहन मांझी, राम बालक जमादार, राजेंद्र दास, आदर्श कुमार, केसरी दास सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल रहे.
