सरकारी धान के कथित गबन के मामले में चेरकी पैक्स के अध्यक्ष व प्रबंधक की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. करीब 35.96 लाख रुपये मूल्य के 150.219 मीटरिक टन धान के समतुल्य सीएमआर खरीफ जमा नहीं किये जाने के आरोप में शेरघाटी थाना में दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है, जिसकी कांड संख्या 375/26 के रूप में दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. यह कार्रवाई जिला सहकारिता पदाधिकारी, गया के पत्रांक-1444 के आलोक में सहकारिता प्रसार पदाधिकारी तुषार अनल चंद्र के आवेदन पर की गयी.
शिकायत के अनुसार, विपणन वर्ष 2025-26 में चेरकी पैक्स ने 362.188 मीटरिक टन धान की खरीद की थी. इसमें 211.969 मीटरिक टन धान के समतुल्य सीएमआर बिहार राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम को जमा करा दिया गया, जबकि शेष 150.219 मीटरिक टन धान के समतुल्य सीएमआर अब तक जमा नहीं कराया गया. विभागीय जांच के दौरान सरकारी गोदाम बंद मिला. अध्यक्ष से संपर्क का प्रयास भी सफल नहीं हो सका.
विभाग का आरोप है कि कई बार नोटिस और पत्र भेजने के बावजूद न तो सीएमआर जमा कराया गया और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया गया. आवेदन में आशंका जतायी गयी है कि अवशेष धान को खुले बाजार में बेचकर सरकारी राशि का गबन किया गया है. पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आयेंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जायेगी. उल्लेखनीय हो कि कई वर्ष बाद चेरकी पैक्स पिछले वर्ष चुनाव के बाद प्रारंभ हुआ था. पैक्स के डिफॉल्टर हो जाने के कारण यहां काम बंद था.
