अवैध संबंधो के शक में सगे भाई ने की बहन की हत्या, चार माह का मासूम लापता

शहर के पुलिस लाइन सिंगरा स्थान पहाड़ी पर चार अप्रैल को मिले एक विवाहिता के शव की गुत्थी पुलिस ने 20 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद सुलझा ली है.

गया जी. शहर के पुलिस लाइन सिंगरा स्थान पहाड़ी पर चार अप्रैल को मिले एक विवाहिता के शव की गुत्थी पुलिस ने 20 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद सुलझा ली है. यह मामला ऑनर किलिंग का निकला, जहां सामाजिक बदनामी से बचने के लिए एक सगे भाई ने अपने ही रिश्तेदारों के साथ मिलकर अपनी बहन को मौत के घाट उतार दिया. पुलिस ने मुख्य आरोपित भाई शंकर कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वारदात में शामिल तीन अन्य रिश्तेदार अब भी फरार हैं. इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू मृतका के चार महीने के बच्चे का लापता होना है, जिसे लेकर पुलिस ने जांच तेज कर दी है. शुक्रवार को पुलिस ऑफिस में आयोजित प्रेसवार्ता में सिटी डीएसपी धर्मेंद्र भारती और रामपुर थानाध्यक्ष दिनेश बहादुर सिंह ने इस हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा किया. पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान शेरघाटी के दक्षिण खाप निवासी ललिता देवी के रूप में हुई थी. उसकी शादी 2016 में धनगाई थाने के लाठ-बेला गांव में हुई थी. लेकिन लॉकडाउन के दौरान वह अपने बेटे को ससुराल में छोड़कर बेटी के साथ किसी अन्य युवक के साथ भाग गयी थी. मार्च 2026 में ललिता अचानक अपनी छह साल की बेटी और एक चार महीने के नवजात बच्चे के साथ ससुराल लौटी. नवजात को देखकर ससुराल वालों ने उसे भगा दिया. मायके में भी दुत्कार, फिर रची गयी हत्या की साजिश

ससुराल से दुत्कारी गयी ललिता जब मायके पहुंची, तो वहां भी उसे ताने मिले. डायल 112 की पुलिस के दखल के बाद मायके वालों ने उसे घर में तो रख लिया, लेकिन विवाद थमा नहीं. ललिता के पति ने अपनी छह साल की बेटी को तो अपना लिया, लेकिन ललिता और उसके चार महीने के बच्चे को रखने से साफ इनकार कर दिया. ललिता ने जब उस बच्चे के पिता के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी, तो उसके भाई शंकर यादव ने समाज में बदनामी के डर से अपनी बहन की हत्या की खौफनाक साजिश रच डाली.

रेलवे ट्रैक के बजाय पहाड़ी पर फेंका शव

प्लान के मुताबिक, शंकर ने शेरघाटी के मोजमा निवासी अपने ममेरे भाई, डोभी के तेतरिया निवासी मौसा और गया के लालूनगर निवासी एक अन्य रिश्तेदार के साथ मिलकर बहन की हत्या कर दी. लालूनगर वाले रिश्तेदार की सलाह पर ही आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए शव को रेलवे ट्रैक पर फेंकने के बजाय सिंगरा स्थान पहाड़ी पर पानी टंकी के पास झाड़ियों में फेंक दिया था. पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त एक बाइक और मोबाइल फोन बरामद कर लिया है.

चार महीने के बच्चे का सुराग ढूंढ़ रही पुलिस

इस हत्याकांड का सबसे पेचीदा हिस्सा ललिता का चार महीने का वह बच्चा है, जिसका फिलहाल कोई सुराग नहीं है. रामपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आयी है कि उस बच्चे को जीविका समूह की एक महिला के माध्यम से किसी के हाथों बेच दिया गया है या किसी को लालन-पालन के लिए दे दिया गया है. पुलिस अब उस बच्चे और उसके असली पिता की तलाश में जुट गयी है. फरार तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.

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By PRANJAL PANDEY

PRANJAL PANDEY is a contributor at Prabhat Khabar.

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