टनकुप्प्पा से धर्मपाल सिंह की रिपोर्ट
BPSC Success Story : मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर टनकुप्पा ब्लॉक के करियादपुर गांव के विकास कुमार ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. उन्होंने अपने चौथे प्रयास में यह शानदार कामयाबी हासिल कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) का पद प्राप्त किया है. विकास की इस बड़ी उपलब्धि से उनके गांव सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है
मां शिक्षिका और पिता हैं डॉक्टर
फतेहपुर थाना क्षेत्र की जगन्नाथपुर पंचायत के अंतर्गत आने वाले करियादपुर गांव के रहने वाले विकास कुमार के पिता विजय कुमार चौधरी एक होम्योपैथिक डॉक्टर हैं, जबकि उनकी माता सुनैना देवी एक शिक्षिका हैं. विकास की प्रारंभिक शिक्षा उनके अपने गांव के ही मध्य विद्यालय करियादपुर से हुई थी.
साइंस स्ट्रीम से की इंटरमीडिएट की पढ़ाई
इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए उनका नामांकन गया के मानव भारती स्कूल में कराया गया, जहां से उन्होंने साल 2013 में सीबीएसई बोर्ड से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की. इसके बाद साल 2015 में उन्होंने एलपी साही इंटर कॉलेज, खिजरसराय से विज्ञान संकाय (साइंस स्ट्रीम) में इंटर की परीक्षा अच्छे अंकों से पास की.
इंजीनियरिंग के बाद चुना प्रशासनिक सेवा का रास्ता
साल 2020 में बिहार इंजीनियरिंग कॉलेज, बख्तियारपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद विकास ने प्रशासनिक सेवा में जाने का अपना लक्ष्य तय किया. साल 2021 से वे दिल्ली में रहकर सेल्फ स्टडी (स्व-अध्ययन) के माध्यम से यूपीएससी (UPSC) की तैयारी करने लगे. इसी दौरान उन्होंने बीपीएससी की परीक्षा भी दी और अपने चौथे प्रयास में ग्रामीण विकास पदाधिकारी का पद हासिल कर लिया.
अब IAS बनने का है अगला लक्ष्य
तीन भाई-बहनों में इकलौते भाई विकास ने अपनी इस शानदार सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता, स्वजनों और दोस्तों के मार्गदर्शन व सहयोग को दिया है. विकास ने बताया कि बीडीओ बनना उनकी सफलता का पहला पड़ाव है, उनका अगला और मुख्य लक्ष्य यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर देश की सेवा के लिए एक आईएएस (IAS) अधिकारी बनना है.
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