गया के कंडी नवादा में बनेगा बायो डायवर्सिटी पार्क, ब्रह्मयोनि व प्रेतशिला में चेकडैम का होगा निर्माण

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि गया के कंडी नवादा में बायो डायवर्सिटी पार्क (जैव विविधता पार्क), ब्रह्मयोनि व प्रेतशिला में चेकडैम का निर्माण होगा

गया शहर स्थित कंडी नवादा में बायो डायवर्सिटी पार्क (जैव विविधता पार्क), ब्रह्मयोनि व प्रेतशिला में चेकडैम का निर्माण, बाराचट्टी में जू सफारी का निर्माण, क्लीन गया ग्रीन गया के तहत आगे के वर्ष में पौधरोपण की योजना बनाकर कार्य करने के लिए सभी पदाधिकारी हर स्तर से तैयार रहें. उक्त बातें समाहरणालय कक्ष में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने प्रदेश के वन विभाग के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा बैठक करते हुए कही.

मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि 15 अक्तूबर, 2000 में राज्य के बंटवारे के बाद प्रदेश में मात्र सात प्रतिशत वन भूमि बची है. वनाच्छादन का राष्ट्रीय लक्ष्य 33 प्रतिशत है. वहीं, मैदानी राज्य जैसे-बिहार के यह 20 प्रतिशत है. कृषि रोड मैप के अनुसार, काम करना शुरू किया व बिहार के हरित आवरण को बढ़ाकर लगभग 15 प्रतिशत पहुंचा दिया गया है. यह कार्य सिर्फ वन भूमि पर पौधारोपण से संभव नहीं था. यह लक्ष्य सिर्फ वन विभाग के प्रयास से भी संभव नहीं था. हमने वन भूमि से बाहर सड़क, नहर नदी के किनारे पौधारोपण का प्रयास किया.

मंत्री ने कहा कि अगर हर व्यक्ति थोड़ा-थोडा जल को बचाना शुरू कर दे तो हम कल्पना नहीं कर सकते कि कितना अच्छा परिणाम होगा. ऐसे बिजली के बर्बादी रोकना, पॉलीथीन का उपयोग नहीं करना, साफ-सफाई रखना वैसे तो छोटी बात लगती है. लेकिन, इसका प्रभाव मिलकर बहुत ही बड़ा होगा. यह संदेश हमें घर-घर तक पहुंचना है.

पौधारापण का लक्ष्य जिले ने प्राप्त किया

मंत्री ने कहा कि बिहार में नर्सरी की क्षमता को बढ़ा कर पांच करोड़ प्रति वर्ष किया गया है. इस साल वन विभाग का लक्ष्य दो करोड़ पौधे लगाने का था. खुशी हो रही है ये बताते हुए कि विभाग में वो लक्ष्य प्राप्त कर लिया है. ग्रामीण विकास विभाग और हॉर्टिकल्चर विभाग को मिला दे तो इस साल लगभग चार करोड़ पौधा लगाये गये हैं. अगर 10 करोड़ पौधा लगवाये और 60 प्रतिशत पौधों को बचा लें, तो छह करोड़ पेड़ लगेंगे. इससे हरित आवरण एक प्रतिशत बढ़ेगा.

लक्ष्य से अधिक लगाये गये हैं पौधे

बैठक में डीडीसी विनोद दूहन ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में विभाग की ओर से जिला में पौधारोपण के लिए छह लाख 40 हजार लक्ष्य दिया गया. इसके तहत मनरेगा से लगभग नौ लाख 52 हजार पौधारोपण किया गया. निर्धारित लक्ष्य का यह 149 प्रतिशत है. उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों जिला में 33 लाख 12 हजार 63 पौधे लगाए गये हैं. साथ ही वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए जिले में दो लाख 16 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य है, जो नदी के किनारे लगाया जायेगा. बैठक में जिला स्तर पर वन प्रमंडल पदाधिकारी शशिकांत, नगर आयुक्त अभिलाषा शर्मा, डीडीसी विनोद दूहन आदि मौजूद थे.

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लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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