गया जी से संजीव कुमार सिन्हा की रिपोर्ट
Gaya Ji News: गया जी में भरत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने तथा एनकाउंटर में शामिल दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को गया शहर में सर्व समाज के नेतृत्व में विशाल आक्रोश मार्च एवं मशाल जुलूस निकाला गया. कार्यक्रम का कुशल नेतृत्व वरिष्ठ समाजसेवी कौशलेंद्र नारायण ने किया. इस दौरान गया के विभिन्न जाति, वर्ग एवं समुदाय के सैकड़ों प्रबुद्ध लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग को बुलंद किया. यह विशाल आक्रोश मार्च शहर के प्रसिद्ध आजाद पार्क से शुरू हुआ, जिसमें लोगों का गुस्सा साफ तौर पर देखने को मिल रहा था.
हाथों में मशालें लेकर टावर चौक पहुंचे लोग
प्रदर्शनकारियों के हाथों में जलती हुई मशालें, मांग से जुड़ी तख्तियां और बड़े बैनर थे, जिन पर “भरत तिवारी को न्याय दो”, “हत्यारों को गिरफ्तार करो”, “सरकार जवाब दो” और “अन्याय नहीं सहेंगे” जैसे नारे प्रखरता से लिखे हुए थे. यह मार्च जैसे-जैसे शहर के प्रमुख व्यस्त मार्गों से होकर आगे बढ़ा, स्थानीय लोगों का हुजूम भी इसके साथ स्वतः जुड़ता गया और पूरा वातावरण न्याय की मांग के गगनभेदी नारों से गूंज उठा. मुख्य मार्गों का भ्रमण करते हुए यह जुलूस शहर के टावर चौक पर पहुंचा, जहां एक सभा का आयोजन किया गया.
सांसद के बयान की समाज ने की तीखी आलोचना
टावर चौक पर सभा को संबोधित करते हुए समाजसेवी कौशलेंद्र नारायण ने भरत भूषण तिवारी की हत्या को पूरे समाज और वर्तमान कानून व्यवस्था के लिए एक बेहद गंभीर चुनौती बताया. उन्होंने पुलिस प्रशासन से दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी करने की मांग की. इसके बाद यह मार्च समाहरणालय परिसर के समीप पहुंचकर समाप्त हुआ. इस दौरान वक्ताओं ने स्थानीय सांसद द्वारा दिए गए हालिया बयान की भी कड़ी शब्दों में आलोचना की. समाज के लोगों ने कहा कि इस संवेदनशील मामले में जनप्रतिनिधि के बयान से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं.
उच्चस्तरीय जांच और मुआवजे की मांग की
प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से इस पूरे हत्याकांड की उच्चस्तरीय जांच कराने, फरार चल रहे दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने, पीड़ित परिवार को पर्याप्त सुरक्षा तथा उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की. उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो इस आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. इस कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं और बुद्धिजीवियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही, जिन्होंने शहीद भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की.
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