समस्या. कई बार आंदोलन कर चुके हैं स्थानीय लोग, लेकिन हर बार नतीजा रहा सिफर
नगर निगम बोर्ड में हो चुका है हंगामा, प्रस्ताव भी पास हुआ दिक्कत जस की तस
गया : नगर निकाय चुनाव में इस बार पार्षद से हिसाब करने की बात कह रहे नगर निगम के वार्ड नंबर तीन स्थित जगदेवनगर के लोग अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं. कारण यह है कि आरक्षण की मार ने वर्तमान पार्षद को इस बार चुनाव मैदान से ही अलग कर दिया है.
जगदेवनगर के लोग 10 वर्षों से नाली व रोड की मांग कर थक गये हैं, अब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा सका है. इस बार थोड़ी बहुत संभावना रोड व नाली निर्माण की जगी थी, पर विभागीय पेच में फंस कर योजना लटक गयी है.
जानकारी के अनुसार, जगदेवनगर के लोग करीब 10 वर्षों से नाली के पानी से होकर घर से बाहर जाने को विवश हैं. इसके लिए कई बार लोगों ने आंदोलन भी किया. इसके साथ ही स्थानीय पार्षद जितेंद्र वर्मा ने इस मामले को लेकर बोर्ड में हंगामा किया. आंदोलन व पार्षद के प्रयास से 82 लाख रुपये से रोड व नाली बनाने का प्रस्ताव बोर्ड में पारित किया गया. इस योजना के लिए टेंडर किया गया, परंतु ठेकेदारों के आपसी विवाद में योजना विभाग की स्वीकृति के दरम्यान ही फंस गया.
पार्षद व स्थानीय लोग इसके बाद अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि डेल्हा से खरखुरा जाने का मुख्य मार्ग यही है. इसके साथ ही इस रोड से करीब एक हजार घर का रास्ता निकलता है. लोग अब तक नाले के पानी से होकर अपने घर तक या फिर घर से बाहर जाने को मजबूर हैं. नगर निगम को जल्द ही ठोस निर्णय लेना चाहिए.
