उनकी पुस्तक वाेल्गा से गंगा, 22वीं सदी, दर्शन-दिक्दर्शन, पुरातत्व निबंधावली, संस्कृत बाल मनाेहर पाेथी, भागाे नहीं दुनिया काे बदलाे पर विशेष रूप से चर्चा की गयी. रामावतार सिंह ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला. सुरेंद्र सिंह सुरेंद्र ने उनके राजनीतिक साेंच पर प्रकाश डाला.
35 भाषाओं के विद्वान थे राहुल सांकृत्यायन
गया: गया जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा सोमवार को राहुल सांकृत्यायन की जयंती मनायी गयी. जयंती समाराेह की अध्यक्षता सम्मेलन के सभापति गाेवर्द्धन प्रसाद सदय ने की. उन्होंने कहा कि राहुल सांकृत्यायन 35 भाषाआें के विद्वान थे. राहुल ने अलग-अलग भाषाआें में दाे साै से अधिक पुस्तकाें की रचनाएं कीं. राहुल जी ने यायावर जीवन […]

गया: गया जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा सोमवार को राहुल सांकृत्यायन की जयंती मनायी गयी. जयंती समाराेह की अध्यक्षता सम्मेलन के सभापति गाेवर्द्धन प्रसाद सदय ने की. उन्होंने कहा कि राहुल सांकृत्यायन 35 भाषाआें के विद्वान थे. राहुल ने अलग-अलग भाषाआें में दाे साै से अधिक पुस्तकाें की रचनाएं कीं. राहुल जी ने यायावर जीवन बिताते हुए दुनिया के कई देशाें की यात्राएं कीं व वहां की साहित्य-संस्कृति काे पुस्तकों में उतारा.
अरुण हरलीवाल ने कहा कि वह लिखे-पढ़े नहीं बल्कि पढ़े-लिखे विद्वान थे. उन्हाेंने दुनिया के कई देशाें व कई भाषाआें की पुस्तकाें का गहन अध्ययन किया. वह प्रगतिशील विचारधारा के साहित्यकार थे. उपेंद्र सिंह ने राहुजी जी के किसान आंदाेलन की चर्चा की. उन्हाेंने स्वामी सहजानंद के साथ बिहार में काम किया.
डॉ ब्रजराज मिश्र ने कहा कि राहुजी जी ने अपनी लेखनी के माध्यम से विश्व काे अंधेरे से उबारने का काम किया. वे घुमक्कड़ शास्त्र के प्रणेता थे, जाे आजीवन साहित्य समृद्धि के लिए घूमते रहे. गाेवर्द्धन प्रसाद सदय ने राहुल जी के गया आगमन की चर्चा की. उन्हाेंने कहा वह विलक्षण प्रतिभा के धनी थे. वह विद्वानाें के लिए विद्वान, किसानाें के लिए किसान और नेताआें के लिए नेता थे. उन्हाेंने समाज के हर पक्ष के बारे में लिखा. राहुल जी माेहन लाल महताे वियाेगी जी के घर ठहरते थे. उन्हाेंने पहली बार बाल साहित्य की रचना की. इस माैके पर कवि श्यामदत्त मिश्र, मुंद्रिका सिंह, विनाेद कुमार, विषधर शंकर, मुकेश कुमार सिन्हा, नीतू गुप्ता, मंजू बाला ने राहुल सांकृत्यायन काे काव्यांजलि दी. कार्यक्रम का संचालन कार्यकारी मंत्री सुमंत ने किया.