गया: मनसरवा नाले से अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन की ओर से लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी पोकलेन (बुलडोजर) मशीन चली. विष्णुपुरी कॉलोनी में नाले पर बने मकानों को हटाया गया. पहले दिन तीन मकान व दूसरे दिन पांच मकान तोड़े गये. इनमें चार मकानों के अतिक्रमणवाले हिस्सों को मकान मालिकों ने खुद ही हटा लिया. पुलिस बल व प्रशासनिक अधिकारी सुबह नौ बजे से ही अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंच गये. कई लोग प्रशासनिक अमले के पहुंचने से पहले ही अतिक्रमण तोड़ने में लगे हुए थे.
किसी ने अतिक्रमण का हिस्सा हटाने के लिए मजदूर लगाया था, तो किसी ने पूरा परिवार. नगर निगम का अर्थमूवर नाले से कचरा निकालते आगे बढ़ रहा था. नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि पहले से ही अंचल अमीन के माध्यम से मापी करा कर 58 मकानों पर लाल निशान लगाये गये हैं. विगत साल बरसात के समय नाले में अतिक्रमण के कारण कई इलाके जलमग्न हो गये थे. स्थिति इतनी भयावह हो गयी थी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद पहुंच कर मुआयना किया था. उसी वक्त अधिकारियों को आदेश दिया था कि नाले से अतिक्रमण हर हाल में हटाना सुनिश्चित किया जाये.
डीडीसी ने संभाला मोरचा : पोकलेन जैसे ही मनोज जैन के मकान को तोड़ने के लिए पहुंची, तो पूरा परिवार यह कहने लगा कि खुद ही मजदूर लगा कर अतिक्रमणवाले हिस्से को तोड़ रहे हैं. लोगों का कहना था कि मकान में पोकलेन लगाने से पूरा ढांचा चरमरा जाता है. बीडीओ संजीव कुमार व डीसीएलआर कृत्यानंद के साथ पुलिस पदाधिकारी परिवारवालों को समझाने पहुंचे. इसके बाद भी कोई इनकी बात सुनने को तैयार नहीं था. अंत में नगर आयुक्त विजय कुमार व डीडीसी संजीव कुमार ने मकान के पास पहुंच कर माइक से घोषणा की कि मकान की छत से सभी लोग हट जाएं. प्रशासनिक काम में दखलअंदाजी बरदाश्त नहीं की जायेगी. प्रशासनिक अधिकारियों के कड़े रुख को देखते हुए विरोध करने के लिए कोई आगे नहीं आया. घर के बाहर रोड पर संध्या जैन ने कहा कि अपना मकान खुद ही तोड़ रहे हैं. गाड़ी लगाने के बाद पूरा मकान खराब हो जाता है. कोई सुननेवाला नहीं है. पोकलेन में आयी खराबी के कारण बुधवार को अतिक्रमण हटाने का काम शुरू करने में देरी हुई.
