बाजार तक पहुंचेंगी ताजी मछलियां : मंत्री

स्टेडियम में मत्स्य विभाग का कार्यक्रम लाभुकों के बीच वाहनों के कागजात का वितरण 2015-16 में हुआ मछली उत्पादन 5.06 मीटरिक टन आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मिला सहयोग गया : गांधी मैदान के हरिहर सुब्रह्मनियम स्टेडियम में मत्स्य विभाग की अोर से अनुसूचित जाति व जनजाति योजना के तहत लाभुकों के बीच वाहन […]

स्टेडियम में मत्स्य विभाग का कार्यक्रम

लाभुकों के बीच वाहनों के कागजात का वितरण
2015-16 में हुआ मछली उत्पादन 5.06 मीटरिक टन
आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मिला सहयोग
गया : गांधी मैदान के हरिहर सुब्रह्मनियम स्टेडियम में मत्स्य विभाग की अोर से अनुसूचित जाति व जनजाति योजना के तहत लाभुकों के बीच वाहन वितरण किया गया. समारोह में पहुंचे पशुपालन व मत्स्य पालन मंत्री अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि उत्पादित मछलियां बाजार तक सुलभ तरीके से पहुंच सके ऐसी व्यवस्था राज्य में पहली बार की जा रही है. इस योजना के कार्यान्वयन से अब ताजी मछलियां बाजार तक पहुंचायी जा सकेंगी. मत्स्य संसाधन विभाग के निदेशक निशात अहमद ने कहा कि वित्त वर्ष 2015-16 में मछली का उत्पादन 5.06 मीटरिक टन हुआ है. ताजी मछलियों का बाजार मूल्य मृत व बर्फ में रखीं मछलियों से अधिक है. बाजार तक पहुंचाने के लिए साधन उपलब्ध होने के बाद उत्पादक को सीधे लाभ मिल सकेगा.
सरकारी सहायता मिलने के बाद आर्थिक रूप से कमजोर मत्स्य पालक इससे सबसे अधिक लाभान्वित होंगे. इस योजना के अंतर्गत मत्स्य पालकों को 90 प्रतिशत अनुदान पर 1101 मोपेड (आइस बॉक्स के साथ), 380 तीन पहिया व 178 चार पहिया वाहन पूरे राज्य में वितरित किया जा रहा है. इसके माध्यम से 1659 परिवारों को जीविका चलाने के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे. मगध प्रमंडल के गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल व नवादा के मत्स्य पालकों के बीच 44 मोपेड, 39 तीन पहिया वाहन व 22 चार पहिया वाहन रविवार के कार्यक्रम में वितरण किया गया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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