मामला लाेक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम की सुनवाई के समय उपस्थित नहीं हाेने का
गया : समाहरणालय सभाकक्ष में डीएम कुमार रवि ने शुक्रवार को लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम की समीक्षा बैठक की. बैठक में डीएम ने कहा कि प्राप्त आवेदनों के निबटारे काे गंभीरता से नहीं लेनेवाले लाेक प्राधिकाराें के विरुद्ध कार्रवाई हाेगी. लाेक प्राधिकार सुनवाई की तिथि काे उपस्थित नहीं हाे रहे हैं व निबटारे में रुचि नहीं ले रहे हैं. वैसे लाेक प्राधिकार के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा भेजें. मासिक समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता, लाेक शिकायत व सभी अनुमंडलीय लाेक शिकायत निवारण पदाधिकारियाें को डीएम ने निर्देश दिया.
जिलास्तर पर लाेक शिकायत अधिनियम के तहत प्राप्त परिवाद पत्राें की समीक्षा में कई विभागों जैसे नगर विकास, कल्याण, ऊर्जा विभाग से संबंधित ज्यादातर मामलाें में सुनवाई की तिथि टालनी पड़ी. इसकी खास वजह यह रही कि लाेक प्राधिकार अनुपस्थित रहे.
इस पर डीएम ने खासी नाराजगी जतायी. उन्होंने समय पर उपस्थित नहीं हाेने की वजह से नगर आयुक्त, जिला कल्याण पदाधिकारी (डीडब्ल्यूआे), विद्युत ग्रामीण के कार्यपालक अभियंता व इंडिया पावर से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया है. डीएम ने कहा इस मामले में काेताही अक्षम्य हाेगी. शिक्षा विभाग के तहत मगध विश्वविद्यालय के सात मामलाें में सुनवाई की तिथि पर लाेक प्राधिकार के अनुपस्थित रहने पर उन्हें भी पत्र भेजने का निर्देश दिया.
उधर, राजस्व व भूमि सुधार से संबंधित मामलाें में अंचलाधिकारी गुरुआ, नीमचक बथानी, काेंच व बेलागंज के निबटारे कम रहने पर उनसे भी जवाब-तलब का निर्देश दिया.
अनुमंडलीय लाेक शिकायत कार्यालय, शेरघाटी में राजस्व व भूमि सुधार, गृह, ग्रामीण विद्युत आपूर्ति विभागाें से संबंधित मामलाें का निबटारा लंबित हाेने पर असंताेष जताया. माेहनपुर के सीआे द्वारा अधिक मामलाें में सुनवाई के दाैरान अनुपस्थित रहने के कारण उनके विरुद्ध प्रपत्र ‘क’ में निलंबन का प्रस्ताव विभाग काे भेजने का निर्देश दिया. डीएम ने सभी अनुमंडलीय लाेक शिकायत निवारण पदाधिकारी काे निर्देश दिया कि कितने मामलाें में लाेक प्राधिकार अनुपस्थित रहे हैं. सही कारणाें काे छाेड़ अन्य पर कार्रवाई के लिए अनुशंसा रिपाेर्ट भेजें.
हर शनिवार काे थानाध्यक्ष व सीआे व अंचलाधिकारी द्वारा लाेक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत पारित आदेशाें के निबटारे में संयुक्त बैठक की कार्यवाही आैर की गयी कार्रवाई के साथ रिपाेर्ट वेब पाेर्टल पर अपलाेड की समीक्षा की गयी. पिछले एक महीने में इस अधिनियम के तहत प्राप्त परिवाद पत्राें के आधार पर कुल 2132 मामलाें में सुनवाई की गयी. इनमें 649 मामलाें में लाेक प्राधिकार स्वयं उपस्थित हुए आैर 682 मामलाें में उनके प्रतिनिधि उपस्थित हुए.
66 मामलाें में लाेक प्राधिकाराें की उपस्थिति अनिवार्य नहीं थी. एक माह में कुल 373 मामलाें में पारित आदेशाें का अनुपालन किया गया. बैठक में अपर समाहर्ता लाेक शिकायत, डीआरडीए के निदेशक, सभी अनुमंडलीय पीजीआरआे, आइटी मैनेजर, आइटी सहायक सहित अन्य माैजूद थे.
