जैन मुनि ने जीव हिंसा को बताया गलत, कहा-असंतोष से उत्पन्न होती हैं कई समस्याएं
आमस. असंतोष बढ़ने से कालाधन जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं. जबकि, भाग्य से अधिक कभी भी नहीं मिल सकता. इसलिए संतोष करके जीवनयापन करें. इस से शांति मिलेगी.
ये बातें जैन धर्म के जैनाचार्य श्री विजय किर्तीयशसूरीश्वरजी महाराज ने शुक्रवार को अकौना गांव में स्थित मध्य विद्यालय में अपने शिष्यों को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा की किसी भी जीव की हत्या न की जाये और न ही उसे दुःख पहुंचाया जाये. जैन धर्मावलंबियों के साथ-साथ चल रहे हिम्मत मेहता और नवीन शाह ने बताया कि पारसनाथ से मध्यप्रदेश के इंदौर जा रहे इस जत्थे में जैन गुरुओं के साथ 75 शिष्य और 50 शिष्याएं शामिल हैं.
उन्होंने बताया कि इस जत्थे में दर्जनों ऐसे शिष्य हैं, जो इंजीनिरिंग व विदेशों में लाखों रुपया महीना की कमाई को छोड़ कर शामिल हुए हैं. मालूम हो कि शुक्रवार के दिन जैन धर्म के लोग दिनभर विश्राम के लिए उक्त विद्यालय में ठहरे थे. इस मौके पर स्कूल के प्राचार्य चंद्र शेखर आजाद, उमेश कुमार, जाकिर अहमद, आशा कुमारी, गफ्फरुल हसन, मिर्ज़ा आफताब वारसी, बेबी नाज, शबनम परवीन, मो अली आदि भी मौजूद थे.
