जैन मुनि ने समाज के लाेगाें काे पंचकल्याणक काे सफलतापूर्वक निभाने पर आशीर्वाद दिया. उन्हाेंने कहा कि गया के जैन समाज काे आगे भी ऐसे कार्यक्रम करते रहना चाहिए. इससे लाेगाें में एकता व प्रेम-व्यवहार बढ़ता है. जैन मुनि जब तक गया में रहे, तब तक समाज के बीच कुछ-न-कुछ धार्मिक आयाेजन हाेते रहे. उनके रवाना होने से समाज की महिलाएं काफी दुखी थीं.
उनके रहने से पिछले दाे-तीन महीने से माहाैल धर्ममय हाे गया था. जैन मुनि अपना पहला पड़ाव मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के पास रखेंगे. वहां तक समाज के पुरुष व युवा वर्ग साथ गये. महिलाएं भी शहर की सीमा तक साथ-साथ पैदल चलीं. रास्ते में जैन मुनि के जयकारे लगते रहे. शनिवार काे वे मगध मेडिकल के पास से चेरकी की आेर प्रस्थान करेेंगे, जहां शाम ढलने से पहले विश्राम के लिए पड़ाव लेंगे. इस तरह वे हर राेज पैदल चलते हुए आगे बढ़ेंगे. जैन समाज के मीडिया प्रभारी मुन्ना सरकार जैन ने बताया कि महाराज उत्तरप्रदेश के काेसमा में आचार्य विमल सागरजी के नाम पर बन रहे अस्पताल काे देखने जा रहे हैं. उस अस्पताल का उद्घाटन अगस्त महीने में हाेना है.
