हम चेतन भक्त अपनी हैवानियत काे त्याग कर स्वयं काे एक इनसान नहीं बना सकते : चैत्यसागर
गया : मज्जिनेंद्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महाेत्सव में जैन भक्ताें ने शनिवार काे धामीटाेला से शाेभायात्रा निकाली. यह विभिन्न सड़काें से गुजरती हुई रमना-पितामहेश्वर माेड़ पर बने पंडाल में पहुंची. वहां कई राज्याें से आये जैन समाज के लाेग आचार्य श्री चैत्यसागर जी महाराज के प्रवचन सुने. तीसरे दिन शनिवार काे गर्भ कल्याणक (उतराइ) का कार्यक्रम चलता रहा. श्री चैत्यसागर जी महाराज ने कहा कि पंच कल्याणक प्रतिष्ठा पाषाण काे भगवान बनाने का महान अनुष्ठान है
. ऐसे अनुष्ठान काे आयाेजित करने का साैभाग्य बड़े भाग्यवालों काे मिलता है. इस अनुष्ठान में मंत्राें से संस्कारराेपण द्वारा एक अचेतन मूर्ति काे भगवान का स्वरूप प्रदान कर पूज्य बनाया जाता है. विडंबना ताे यह है कि हम भक्तगण एक अचेतन काे संस्कारित करके भगवान बना देते हैं, पर हम चेतन भक्त अपनी हैवानियत काे त्याग कर स्वयं काे एक इनसान नहीं बना सकते. जैन माता शाश्वत माता जी ने स्थानीय जैन श्रद्धालुआें की भक्ति व गुरुआें के प्रति समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि आपकी अपूर्व भक्ति से प्रभावित हाेकर देवतागण भी आपके अनुष्ठान में वर्षा की पावन बूंदाें के रूप में सम्मिलित हाेकर वातावरण काे पावन व सुरभित बनाने में याेगदान दे रहे हैं. गर्भ कल्याणक के संदर्भ में माता जी ने कहा कि भगवान माता के गर्भ में आयेंगे.
देवतागण, रानियां गर्भधन संस्कार करके गर्भ काे मंगल रूप प्रदान करने का अनुष्ठान करेंगे. यह अनुष्ठान हम सब के भी संस्काराें के निमित्त है. विधि-विधान विशेषज्ञ वाब्रजय कुमार निशांत व उनके सहयाेगी टीकमगढ़ के मनीष जैन संजू ने कार्यक्रम संपन्न कराया. शाम में भक्ति-भाव में झूमते महिला-पुरुष जैन समाज के लाेगाें ने भगवान की महाआरती गायी. डांडिया का भी प्रदर्शन किया गया. पंच कल्याणक में पूरा माहाैल भक्तिमय हाे गया है. मुन्ना सरकार जैन ने बताया कि इस
कार्यक्रम में शामिल हाेने के लिए आेडिशा, बंगलुरू, झारखंड, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान आदि जगहाें से श्रद्धालु आये हुए हैं. रविवार काे कुछ विदेशी मेहमान भी आ रहे हैं. पंच कल्याणक के प्रतीकात्मक पात्र साैभाग्यशाली माता-पिता अभय कुमार जी काला व उनकी पत्नी बीना काला काे गाजे-बाजे के साथ पितामहेश्वर स्थित पंडाल के मंच पर लाया गया. सभी इंद्र-इंद्राणी व पंचकल्याणक के अन्य साैभाग्यशाली पात्र मंचासीन हुए. रविवार काे विशाल जुलूस निकाला जायेगा व सुबह 7.10 बजे भगवान आदिनाथ का जन्म हाेगा.
