कुशा गांव में पुलिस व एसएसबी ने की कार्रवाई
पकड़े गये आरोपित की ग्रामीणों ने की धुनाई
आमस : थाना क्षेत्र के कुशा गांव निवासी लक्ष्मी यादव की हत्या के मुख्य आरोपित किशोरी यादव को पुलिस ने एसएसबी की सहायता से शुक्रवार की रात कुशा गांव से गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी से पूर्व कुशा के ग्रामीणों ने आरोपित की जमकर धुनाई की. पता चला है कि पुलिस किशोरी यादव का पीछा करते हुए मौके पर नहीं पहुंचती, तो गांव वाले उसे मौत के घाट उतार देते. आमस एसएसबी कैंप के इंस्पेक्टर समरजीत सिंह ने बताया कि किशोरी यादव की गिरफ्तारी के लिए स्थानीय पुलिस के साथ एसएसबी के जवान कई दिनों से सघन छापेमारी में जुटे थे. शुक्रवार की शाम सूचना मिली थी कि किशोरी यादव पास के जंगल में छिपा है. इस पर एसएसबी के दर्जनों जवान जंगल की ओर चल पड़े, पर किशोरी यादव वहां से बच कर अपने गांव कुशा की ओर भाग निकला.
पुलिस गांव में पहुंची तो किशोरी वहां से भी भागने लगा. लेकिन, लक्ष्मी यादव की हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने किशोरी को खदेड़ कर पकड़ लिया और मौके पर जम कर धुनाई कर दी. ग्रामीणों की मार से उसका दायां हाथ टूट गया. घायल किशोरी को गया मगध मेडिकल में भरती कराया गया है. आमस थानाध्यक्ष डॉ रामविलास यादव ने बताया कि किशोरी यादव ने हत्या में खुद की संलिप्तता स्वीकार की है. गत 25 फरवरी की रात गांव से कुछ दूरी पर गला घोंट कर हत्या कर दी गयी थी. इस मामले में मृतक के बेटे संकेत ने स्थानीय थाने में गांव के ही किशोरी यादव व अन्य के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करवायी थी. संकेत का कहना था कि किशोरी यादव एक बड़ा शराब धंधेबाज है, जिसका विरोध उसके पिता द्वारा बराबर किया जाता था. इसी कारण हत्या की गयी. इस मामले में गांव के ही दो और लोगों को पुलिस गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है. हत्या के बाद गांववालों ने तीन घंटे तक शव को उठने नहीं दिया था. स्थानीय विधायक डॉ विनोद प्रसाद यादव के आश्वाशन के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया था.
