आठ साल में भी फाइलों से बाहर नहीं निकला प्रस्ताव

गया: नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में रहनेवाले लोगों की सहूलियत के लिए हर वार्ड में एक वार्ड कार्यालय खोलने की योजना आठ वर्ष पहले ही बनायी गयी थी, लेकिन इस योजना को अब तक अमली जामा नहीं पहनाया जा सका. बताया जाता है कि राज्य सरकार की तरफ से हर वार्ड में वार्ड […]

गया: नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में रहनेवाले लोगों की सहूलियत के लिए हर वार्ड में एक वार्ड कार्यालय खोलने की योजना आठ वर्ष पहले ही बनायी गयी थी, लेकिन इस योजना को अब तक अमली जामा नहीं पहनाया जा सका.
बताया जाता है कि राज्य सरकार की तरफ से हर वार्ड में वार्ड कार्यालय खोलने का निर्देश दिया गया था. इस निर्देश की रोशनी में वर्ष 2008 में ही नगर निगम ने कार्यालय बनाने का प्रस्ताव पारित किया था. प्रस्ताव के मुताबिक हर वार्ड में एक कार्यालय खोल कर उसमें होल्डिंग टैक्स कलेक्टर को पदस्थापित किया जाना था ताकि लोगों को होल्डिंग टैक्स देने के लिए नगर निगम मुख्यालय न जाना पड़े. यही नहीं साफ-सफाई से जुड़ी शिकायतें भी इन्हीं कार्यालयों में करने की व्यवस्था की जानी थी. बताया जाता है कि वर्ष 2008 में प्रस्ताव पारित होने के बाद निगम की बैठकों में इस मुद्दे पर किसी ने चर्चा नहीं की.
सुगबुगाहट तो शुरू हुई थी, पर काम नहीं हुआ: वार्डों में कार्यालय बनाने के लिए पांच-पांच लाख रुपये आवंटित करने की घोषणा की गयी थी. इस घोषणा के बाद पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में कार्यालय के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी थी, लेकिन धीरे-धीरे यह योजना ठंडे बस्ते में चली गयी.
मानपुर में उठी है अलग दफ्तर खोलने की मांग
मानपुर के पार्षद निगम स्टोर व हर वार्ड में कार्यालय खोलने की मांग कई बार उठा चुके हैं. पार्षदों का कहना है कि निगम स्टोर दूर होने के कारण यहां गाड़ी व सफाई कर्मचारियों के पहुंचने में काफी देर होती है. मानपुर के पार्षदों का कहना है कि अगर स्टोर व कार्यालय नजदीक होगा तो परेशानी नहीं होगी.
फिर लाया गया प्रस्ताव
वर्ष 2017-18 के बजट में नगर निगम के सभी 53 वार्डों में वार्ड कार्यालय खोलने का प्रस्ताव लाया गया है. नगर निगम के अफसरों की मानें, तो नगर निगम का क्षेत्रफल काफी बड़ा है. ऐसे में हर वार्ड में कार्यालय खोलने से लोगों को सहूलियत होगी. वार्ड कार्यालय के लिए 2.65 करोड़ रुपये का खर्च करने की योजना बनायी गयी व राज्य सरकार से इस मद के लिए फंड देने की अपील की गयी है.
रुपये मिलने पर बनेंगे कार्यालय
पिछली बार भी राज्य सरकार से फंड मांगा गया था, लेकिन आवंटन नहीं मिलने के कारण वार्डों में कार्यालय नहीं खोले जा सके. कार्यालय खुल जाने से लोगों को काफी सहूलियत होती. इस बार रुपये मिलने की पूरी संभावना है. रुपये मिलते ही कार्यालय बनाने का काम शुरू कर दिया जायेगा.
सोनी कुमारी, मेयर

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