उन्होंने बताया कि ऑप्टिकल फाइबर एक बेलनाकार डाइएलेक्ट्रिक वेबगाइड है, जो प्रकाश को उसकी लंबाई की दिशा में संचरण कराता है. उन्होंने कहा कि फाइबर ऑप्टिक संचार प्रणाली ने दूरसंचार के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाकर सूचना युग में अहम भूमिका निभायी है. इससे पहले गणित के विभागाध्यक्ष डॉ मनोरंजन कुमार सिंह ने व्याख्यान के विषय के बारे में विस्तृत जानकारी दी. इसमें बर्दवान विश्वविद्यालय के डॉ दिव्येंदु राय, एमयू के गणित विभाग के शिक्षक डॉ संजय तिवारी व प्री-पीएचडी कोर्स वर्क के स्टूडेंट्स शामिल हुए.
दूरसंचार उद्योग में फाइबर ऑप्टिक से आया क्रांतिकारी बदलाव
बोधगया: बर्दवान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ पार्थ प्रतीम सरकार ने कहा कि कॉपर युग से आज दुनिया ऑप्टिकल फाइबर युग में पहुंच चुकी है. इलेक्ट्रॉन को फोटोन में परिवर्तित किया जाता है व इसके उपयोग ने दूरसंचार के क्षेत्र में क्रांति ला दी है. मगध विश्वविद्यालय के गणित विभाग में गुरुवार को दो दिवसीय व्याख्यान […]

बोधगया: बर्दवान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ पार्थ प्रतीम सरकार ने कहा कि कॉपर युग से आज दुनिया ऑप्टिकल फाइबर युग में पहुंच चुकी है. इलेक्ट्रॉन को फोटोन में परिवर्तित किया जाता है व इसके उपयोग ने दूरसंचार के क्षेत्र में क्रांति ला दी है.
मगध विश्वविद्यालय के गणित विभाग में गुरुवार को दो दिवसीय व्याख्यान माला का आयोजन किया गया. गणित विभाग के कंप्यूटर शाखा में आयोजित लेक्चर में डॉ सरकार ने कहा कि फोटोन कण शून्य में प्रकाश के वेग से गमन करते हैं व यह वेग लगभग तीन लाख किलोमीटर प्रति सेकेंड होता है.