गरीबों की मदद में आगे आएं अमीर : राज्यपाल

शेरघाटी/बांकेबाजार: मगध की धरती धर्म व अध्यात्म का केंद्र है. इस धरती से मुझे विशेष लगाव है. मैं विष्णुपद व बोधगया हमेशा आता रहता हूं. यहां के लोग धन्य हैं, जो इस मोक्ष की नगरी में निवास करते हैं. गया धर्म और अध्यात्म का संगम है. बिहार की धरती, विशेष कर मगध की धरती पावन […]

शेरघाटी/बांकेबाजार: मगध की धरती धर्म व अध्यात्म का केंद्र है. इस धरती से मुझे विशेष लगाव है. मैं विष्णुपद व बोधगया हमेशा आता रहता हूं. यहां के लोग धन्य हैं, जो इस मोक्ष की नगरी में निवास करते हैं. गया धर्म और अध्यात्म का संगम है. बिहार की धरती, विशेष कर मगध की धरती पावन है. यहां की धरती में सदियों से आकर्षण रहा है. भगवान बुद्ध का जन्म लुंबिनी में हुआ था. लेकिन, वैराग्य के बाद साधना के लिए उन्होंने बोधगया को ही चुना.

ये बातें राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने बुधवार को गया जिले के बांकेबाजार प्रखंड में स्थित बांकेधाम में श्री सीताराम महायज्ञ व नवाह्न पारायण रामचरितमानस पाठ महायज्ञ का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ करने के बाद कहीं. इसके पहले पहले राष्ट्रगान हुआ. उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी सहित कई नेता, पंडित व आचार्य थे. राज्यपाल ने कहा कि 24 तीर्थंकरों में 20 तीर्थंकर बिहार व झारखंड में पैदा हुए. धर्म के नाम पर जब लोग एक जगह एकत्र होते हैं, तो समाज में एक नयी ऊर्जा निकलती है. गया प्रतिवर्ष लाखों आस्थावान अपने पूर्वजों को मोक्ष दिलाने आते है. वहीं, बोधगया में प्रति वर्ष 10-15 लाख सैलानियों का आगमन होता है. क्षेत्रीय लोगों की बांकेधाम को पर्यटन स्थलों से जोड़ने की मांग पर श्री कोविंद ने कहा कि अभी विधान परिषद चुनाव को लेकर आचार संहिता लगी हुई है. विशेष कुछ भी बोलने में वह असमर्थ हैं. उन्होंने आह्वान किया कि साधन संपन्न लाेग गरीबाें काे ऊपर उठाने में मदद करें. तब समाज खुद संपन्न व समानांतर हाे जायेगा. भेदभाव दूर हाे जायेगा आैर खुशहाली आयेगी. राज्यपाल ने कहा बिहार का राजभवन हर बिहारी के लिए खुला है. केवल अपनी मर्यादा के अनुरूप आएं. राज्यपाल ने कार्यक्रम स्थल के पास बरगद का पौधा लगाया. उन्होंने लोगों से पौधे लगा कर पर्यावरण बचाने की अपील की. इससे पहले राज्यपाल भलुहार स्थित हेलीपैड से सड़क मार्ग से यज्ञ स्थल पहुंचे. मुख्य द्वार पर स्वामी गौतम प्रियदर्शी के मंत्रोच्चार के बीच पवित्रीकरण के बाद उन्हें यज्ञ मंडप में प्रवेश कराया गया.
पूर्व मुख्यमंत्री ने क्षेत्र को शांत बताया. पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने राज्यपाल के आगमन पर आभार प्रकट किया. उन्होंने कहा कि अब इमामगंज विधानसभा क्षेत्र में शांति है. 14 माह में किसी प्रकार की अशांति नहीं हुई. इसके पूर्व यह क्षेत्र अशांत था. मगही भाषा में संबोधन के माध्यम से उन्होंने स्थानीय लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की. गुरुआ विधायक राजीव नंदन दांगी ने कहा कि धर्म व पूजा-पाठ विज्ञान से जुड़े हैं. रामायण काल के नारद मुनि इस लोक से परलोक तक की बातें बताने की क्षमता रखते थे. धर्म में ही विज्ञान छुपा हुआ है.
मंदिर समिति ने रखी मांग. पर्वतीय सूर्य एवं शिव मंदिर के अध्यक्ष अलखदेव यादव ने राज्यपाल के सम्मान में स्वागत भाषण पढ़ा. वहीं आदित्य प्रसाद विश्व ने अभिनंदन पत्र उन्हें समर्पित किया. बांकेधाम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग करते हुए समिति अध्यक्ष ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा. कार्यक्रम को पूर्व विधान पार्षद अनुज कुमार सिंह, डाॅ आदित्य प्रसाद विश्व व नरेंद्र सिंह ने भी संबोधित किया. मौके पर प्रखंड प्रमुख अबीता कुमारी, संत रामसुख दास व अरविंद कुमार राय आदि मौजूद रहे. मंच का संचालन पर्वतीय सूर्य एवं शिव मंदिर के अध्यक्ष अलखदेव प्रसाद यादव ने किया.

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