इसके लिए महिला व पुरुष को अलग-अलग पंक्तियों में प्रवेश कराया जा रहा है व डीएफएमडी के साथ ही हैंड मेटल डिटेक्टर के सहारे उनकी जांच भी की जा रही है. इसके अलावा मंदिर परिसर के विभिन्न हिस्से में लगे हाइ डेफिनेशन नाइट विजन सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से मंदिर परिसर में प्रवेश करने वाले व भ्रमण करने वाले श्रद्धालुओं पर भी नजर रखी जा रही है.
इसके लिए मंदिर परिसर में स्थापित कंट्रोल रूम में पुलिस पदाधिकारी को तैनात किया गया है, जिनका काम है कि मंदिर परिसर में लगे हर कैमरे के फुटेज पर नजर रखते हुए सभी की हरकत पर निगरानी रखना. मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े एक पदाधिकारी ने बताया कि दिन के साथ ही रात को भी मंदिर परिसर में चाक-चौबंद सुरक्षा है व मुख्य रूप से चहारदीवारी क्षेत्र में विशेष चौकसी बरती जा रही है. हालांकि, विदेशी श्रद्धालुओं को गाइड करने की दिशा में बीएमपी के जवान नाकाम हो रहे हैं क्योंकि अंगरेजी भाषा में बातचीत की प्रैक्टिस नहीं होने के कारण विदेशियों को समझा नहीं पाते हैं. इससे विदेशी श्रद्धालु थोड़ा असहज महसूस कर रहे हैं.
